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स्कूल छोड़ खेतों में मजदूरी करने जा रहे मासूम, ट्रैक्टर पर बैठे बच्चों की तस्वीर ने उठाए सवाल

-स्कूल छोड़ खेतों में मजदूरी करने जा रहे मासूम, ट्रैक्टर पर बैठे बच्चों की तस्वीर ने उठाए सवाल

मुजफ्फरपुर/बंदरा।दीपक। शिक्षा और बाल अधिकारों को लेकर सरकार के तमाम दावों के बीच बंदरा प्रखंड से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चे ट्रैक्टर पर बैठकर खेतों में मजदूरी करने जाते दिखाई दिए। इस घटना ने बाल श्रम, अभिभावकों की जागरूकता और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया गया कि यह तस्वीर 16 मई 2026 की सुबह की है, जो पीएस मुन्नी मुसहर विद्यालय के निकट स्थित मुसहर टोला इलाके की बताई जा रही है। ट्रैक्टर पर करीब 10 से 12 बच्चे सवार थे, जो वर्ग 6 और 7 के छात्र बताए जा रहे हैं। सभी बच्चे मुसहर समुदाय से संबंध रखते हैं और सरकारी विद्यालय में नामांकित हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रैक्टर हत्था क्षेत्र का बताया जा रहा है और बच्चों को खेतों में मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक कुछ बच्चे खेतों में काम करते हैं तो कुछ ईंट-भट्ठों और अन्य मजदूरी वाले कार्यों में भी लगाए जाते हैं।

स्थानीय पंचायत समिति सदस्य पति विनोद चौधरी ने बताया कि कई अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के बजाय कमाने के लिए मजदूरी पर भेज देते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी और जागरूकता की कमी के कारण बच्चे शिक्षा से दूर होते जा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में यह स्थिति नई नहीं है। अक्सर सुबह के समय बच्चों को ट्रैक्टर या अन्य वाहनों से खेतों और भट्ठों की ओर जाते देखा जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शिक्षा का अधिकार कानून और बाल श्रम निषेध कानून का पालन आखिर कैसे हो रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर बच्चों को स्कूल से जोड़ने और अभिभावकों को जागरूक करने की मांग की है, ताकि मासूमों का भविष्य मजदूरी में नहीं बल्कि शिक्षा के जरिए संवर सके।