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खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को जैविक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग का दिया गया प्रशिक्षण

-खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को जैविक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग का दिया गया प्रशिक्षण

राजापाकर/वैशाली, संवाददाता/संजय। कृषि विज्ञान केंद्र, हरिहरपुर (वैशाली) द्वारा शारदीय खरीफ महाअभियान-2026 के अंतर्गत बराटी थाना क्षेत्र के अंघरवाड़ा गांव में कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों को खेत बचाओ अभियान के तहत संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खेती तथा हरित खाद के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, वैशाली के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व वैज्ञानिक (गृह विज्ञान) डॉ. कविता वर्मा ने किया। उन्होंने किसानों को जैविक खेती अपनाने की तकनीक, जैविक खाद, जैव उर्वरक तथा जैव कीटनाशियों के व्यवहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जैविक खेती अपनाकर रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है, जिससे फसलों की गुणवत्ता बढ़ती है और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।


वहीं, गोरौल प्रखंड के गोरौल गांव में आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का नेतृत्व कृषि विज्ञान केंद्र वैशाली के कार्यक्रम सहायक (लैब टेक्नीशियन) आयुष्मान द्विवेदी ने किया। उन्होंने किसानों को ग्रीन मैन्यूरिंग (हरी खाद) के तहत मूंग एवं सनई के उपयोग तथा मृदा जांच के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरी खाद मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ाने, जैविक कार्बन में वृद्धि करने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में खुशबू कुमारी एवं सलोनी प्रिया राय (सहायक तकनीकी प्रबंधक) तथा राजेश कुमार (किसान सलाहकार) ने भी भाग लिया। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में संतुलित पोषण प्रबंधन एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों में गहरी रुचि दिखाई और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित खेत बचाओ अभियान की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए लाभकारी पहल बताया।