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कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू में हुआ अंकुरण,किसानों में बेचैनी!

-कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू में फेका डेफा,किसानों में बेचैनी

मुजफ्फरपुर।संवाददाता।

जिले के पूर्वी क्षेत्र एवं पड़ोसी जिला क्षेत्रों के किसानों को अबकी फिर से झटका लगा है। अबकी कोल्ड स्टोरेज में रखी आलू में हीं डेफा(अंकुरण) फेक दिया है।जिससे किसानों में बेचैनी है।ऐसे किसानों के आलू रोपाई पर संकट गहरा गया है। क्षेत्र के किसानों का बताना है कि बलुआ कोल्डस्टोर में भंडारित आलू में इस बार बड़े पैमाने पर डेफा दे दिया है।लिहाजा किसान जब डिलेवरी डेट पर आलू रिसिव करते हैं तो बोरा में आलू के बजाय सिर्फ डेफाकर कर चौंक जा रहे हैं। मजबूरन उन्हें ऐसे आलू को लेकर लौटना पड़ रहा है।

बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर-पूसा मार्ग के बलुआ मनी कोल्डस्टोर साखा-2 पर बंदरा, सकरा,मुशहरी,बोचहां के अलावे समस्तीपुर, पूसा एवं आसपास के एरिया के हजारों किसान द्वारा यहां आलू रखा गया था, लेकिन इस कोल्डस्टोर के लगभग 75 फिसदी आलू में दो-दो फीट तक का डेफा दे दिया।इसी कड़ी में गुरुवार को किसानों ने मनी कोल्डस्टोर पर हंगामा भी किया तथा कोल्डस्टोर प्रबंधन से मुआवजा की मांग की।काफी मान मनौव्वल के बाद मामला शांत हुआ।
बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर पूसा मार्ग में दो कोल्डस्टोर है। जिनका मालिक समस्तीपुर जिले के अनील सिंह हैं। उनका पहला ब्रांच महमदा(पूसा) एवं दुसरा ब्रांच बलुआ में संचालित है।दोनों मनी कोल्डस्टोर साखा-1 एवं 2 से जाना जाता है। किसानों का बताना है कि आलू में डेफा देने की शिकायत बलुआ कोल्डस्टोर पर ज्यादा है।इस कोल्डस्टोरेज की छमता भी महमदा कोल्डस्टोर से डेढ गुणा ज्यादा है। आलू की इस दशा को देखकर बाहर के व्यपारी भी यहां आलू लाने के लिए नहीं आ रहे हैं।

किसान मजबूरन संस्था के हाथों आलू बेच रहे:

आलू की दशा देख यहां बाहर के व्यपारी भी नहीं आ रहे हैं। किसान आलू की पूर्जा लेकर दर-दर भटक रहे हैं।यहां कुछ किसानों ने बताया कि आसपास के गावों के किसान तो किसी तरह आलू की निकासी कर घर ले भी आये,लेकिन बाहर के किसान एवं व्यपारी मजबूरन औनेपौने दामों पर कोल्डस्टोर संस्था को पूर्जा थमा कर चले जाते हैं और कैश के लिए उन्हें एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है।

3-4 दिन तक लाइन में रहना पड़ रहा:

सकरी(बन्दरा) से आए किसान अजय ठाकुर ने बताया कि आलू लेने के लिए गाड़ी सहित 3-4 दिन तक लाइन में रहना पड़ता है। दिन-रात लाइन में गाड़ी सहित रहने पर आज उनका नम्बर आया है। कई दिनों से खेत में आलू रोपनी कराने के लिए परेशान हैं,लेकिन यहां आलू की स्थिति देखकर होश ही उड़ गया है। बोरा में भी वजन काफी देख रहे हैं। जमा कराने के समय ही वजन होता है।वापसी के समय वजन नहीं की जाती है।

कोल्डस्टोरेज प्रबंधक बोले,लौटाई जा रही राशि:

इस संदर्भ में मनी कोल्ड स्टोरेज के प्रबंधक रंजीत ठाकुर ने बताया कि जिस किसान का आलू खराब है और अपने आलू से वे संतुष्ट नहीं है। वैसे किसानों को बाजार दर से उनका वाजिब मूल्य उन्हें वापस किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 8 किसानों को उनका पैसा लौटाया गया है।उन्होंने बताया कि 2लाख 70हज़ार स्टोरेज की उनकी क्षमता है। जिसमें 2लाख 53हज़ार आलू किसानों द्वारा ले जाया गया है। शेष बचे आलू भी किसानों को दिया जा रहा है। करीब 25-30 किसानों के आलू नुकसान होने का अनुमान है।उन्होंने बताया कि करीब 2 से 3 हज़ार पैकेट आलू को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि स्टोरेज के लास्ट चेंबर में रखे आलू को नुकसान हुआ है। खासकर होली के बाद (25 मार्च के बाद) जिन किसानों ने आलू जमा कराया है। उनको नुकसान हुआ है। उनके कोल्ड स्टोरेज में 3 चेंबर तक कोई नुकसान नहीं हुआ है। लास्ट चेंबर (चौथे चेंबर) में रखे आलू को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि क्षमता के अनुसार उनके यहां आलू भंडारित की गई थी, लेकिन होली के बाद समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय एवं अन्य सुदूर क्षेत्रों से काफी किसान पहुंचे तथा जबरन आलू भंडारित करने को लेकर दबाव बनाने लगे।ऐसी स्थिति में जो आलू रखा गया। इस दौरान कई दिनों तक कोल्ड स्टोरेज के बाहर आलू का खेप पड़ा रहा। ऐसे आलू ज्यादातर खराब हुए हैं। जिनका आलू आने के साथ ही उसी दिन स्टोरेज कर दिया गया। वैसे आलू को नुकसान नहीं हुआ है।