-कैबिनेट की मुहर से बढ़ा मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र
-428 वर्ग किमी में होगा योजनाबद्ध विकास
मुजफ्फरपुर। बिहार कैबिनेट ने कल मुजफ्फरपुर के विस्तारित आयोजना क्षेत्र को मंजूरी दे दी। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगने के साथ ही मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र का दायरा बढ़कर लगभग 428 वर्ग किलोमीटर हो गया है। इस निर्णय को शहर और आसपास के क्षेत्रों के दीर्घकालिक एवं संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नई स्वीकृति के अनुसार विस्तारित आयोजना क्षेत्र में 361.04 वर्ग किमी ग्रामीण क्षेत्र, 7.41 वर्ग किमी सेंसस टाउन क्षेत्र तथा 59.85 वर्ग किमी शहरी क्षेत्र शामिल हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर इस क्षेत्र की कुल आबादी 11,04,629 है, जिसमें आने वाले वर्षों में और वृद्धि की संभावना जताई गई है।
आयोजना क्षेत्र में अब नगर निगम मुजफ्फरपुर, नगर परिषद कांटी और नगर पंचायत माधोपुर सुस्ता सहित तीन शहरी प्रशासनिक इकाइयों को शामिल किया गया है। इसके अलावा पांच सेंसस टाउन और कुल 274 राजस्व ग्राम भी विस्तारित क्षेत्र का हिस्सा होंगे।
गौरतलब है कि विस्तार से पहले मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 265.71 वर्ग किमी था, जिसमें करीब 217 वर्ग किमी ग्रामीण और 48 वर्ग किमी शहरी क्षेत्र शामिल था। नए प्रस्ताव के तहत 162.58 वर्ग किमी अतिरिक्त क्षेत्र जोड़े गए हैं।

प्रशासन के अनुसार यह विस्तार आगामी 20 वर्षों की संभावित आबादी, शहरीकरण की गति और बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। विशेष रूप से प्रस्तावित तिरहुत ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउनशिप तथा उससे सटे तेजी से विकसित हो रहे ग्रामीण क्षेत्रों को इसमें शामिल किया गया है, ताकि समग्र और योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जा सके।
आयोजना क्षेत्र के विस्तार से शहर और उसके आसपास तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को एकीकृत विकास योजना के तहत लाया जा सकेगा। वर्तमान में शहरीकरण का प्रभाव नगर सीमा से बाहर पंचायतों और प्रखंड क्षेत्रों तक फैल चुका है, जिससे अनियोजित निर्माण, अतिक्रमण और आधारभूत सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
अब विस्तारित क्षेत्र के लिए समेकित मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसके तहत सड़क नेटवर्क, जलापूर्ति, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, हरित क्षेत्र तथा यातायात व्यवस्था को वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जाएगा। इससे अव्यवस्थित निर्माण पर नियंत्रण लगेगा और शहर का विकास संतुलित एवं व्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।
विस्तारित आयोजना क्षेत्र में मुसहरी प्रखंड के 116, कांटी के 59, कुढ़नी के 32, मड़वन के 44, मीनापुर के 12 तथा बोचहां प्रखंड के 11 राजस्व ग्राम शामिल किए गए हैं।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब मुजफ्फरपुर के शहरी विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, जिससे आने वाले वर्षों में शहर को आधुनिक और सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया जा सकेगा।













