-आईजीआईएमएस में लापरवाही का आरोप, गंभीर मरीज को नहीं मिला समय पर इलाज
— किया गया मुम्बई रेफर
मुजफ्फरपुर। संवाददाता ।
राजधानी पटना स्थित आईजीआईआईएमएस (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान) में एक बार फिर चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है। बताया गया है कि मुजफ्फरपुर निवासी एक गंभीर मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के बावजूद चिकित्सकों ने देखने तक की ज़हमत नहीं उठाई, जिसके कारण मरीज की हालत बिगड़ती चली गई।
जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर न्यू एरिया निवासी नर्मदेश्वर चौधरी के 32 वर्षीय पुत्र पल्लव कुमार सुमन, जो पेनक्रियाज की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, को 24 अक्टूबर को आईजीआईआईएमएस में भर्ती कराया गया था। मरीज के पिता ने बताया कि भर्ती के समय 8600 रुपए की फीस जमा की गई थी।
परिजनों के अनुसार, भर्ती होने के बाद भी दिनभर मरीज को न तो गैस्ट्रोलाॅजी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों ने देखा और न ही किसी प्रकार का इलाज शुरू हुआ। परिजनों ने बार-बार आग्रह किया, लेकिन डॉक्टरों ने कोई ध्यान नहीं दिया। जब मरीज की स्थिति और बिगड़ने लगी, तब परिजनों ने जूनियर डॉक्टरों से बहस के बाद मरीज को डिस्चार्ज कराकर मुंबई के नवी मुंबई स्थित अपोलो हॉस्पिटल ले गए, जहां फिलहाल मरीज का इलाज जारी है।

मरीज के पिता नर्मदेश्वर चौधरी ने बताया कि पल्लव पिछले दो महीनों से मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में इलाजरत थे। जब हालत नाजुक हुई, तो एसकेएमसीएच के डॉक्टर संतोष कुमार ने आईजीआईआईएमएस रेफर किया था। लेकिन वहां भी अपेक्षित चिकित्सा नहीं मिली।
उन्होंने आरोप लगाया कि डिस्चार्ज के वक्त जमा की गई फीस वापस करने की मांग पर डॉक्टरों ने इलाज की पर्ची तक फेंक दी और “जो करना है कर लीजिए” कहकर अस्पताल छोड़ने को कह दिया।
इस मामले में परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। वहीं अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों की संख्या अत्यधिक बढ़ने और डॉक्टरों की कमी के कारण सभी प्रशिक्षु डॉक्टरों पर काम का बोझ बढ़ गया है, जिससे देखभाल में दिक्कतें आ रही हैं।
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