-अमर शहीद तारकेश्वर राय की 15वीं पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि
-सीआरपीएफ के जवानों ने किया यादगार आयोजन
राजापाकर – संजय श्रीवास्तव।
“शहीदों के मजार पर हर साल मेले लगेंगे, वतन पर मरने वालों का यही निशान होगा” — कुछ ऐसा ही दृश्य राजापाकर प्रखंड के बखरी बड़ाई पंचायत स्थित वार्ड संख्या-04, बनवीरा गांव में देखने को मिला, जहां अमर शहीद हवलदार तारकेश्वर राय की 15वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सीआरपीएफ के जवान, परिजन एवं स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने शहीद के आवास पहुंचकर उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
वीरता की अमर कहानी:
ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ मुजफ्फरपुर से आए एसआई (जीडी) हरिशंकर प्रसाद सिंह ने बताया कि 29 जून 2010 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में माओवादियों से मुठभेड़ के दौरान हवलदार तारकेश्वर राय शहीद हुए थे।
39 बटालियन की टुकड़ी जब रोड ओपनिंग ड्यूटी पूरी कर लौट रही थी, तभी महाराबेड़ा गांव के पास माओवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। टुकड़ी ने सहायक कमांडेंट जतिन गुलाटी के नेतृत्व में जबर्दस्त प्रतिरोध किया। माओवादियों की ओर से आईईडी ब्लास्ट और भारी गोलीबारी के बीच जवानों ने अंतिम सांस तक मुकाबला किया।

इस भीषण मुठभेड़ में 27 सीआरपीएफ जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए प्राण न्योछावर किए। इनमें शहीद हवलदार तारकेश्वर राय की वीरता आज भी देशवासियों को प्रेरित करती है।
मौजूद रहे ये सम्मानित लोग:
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ मुजफ्फरपुर से एसआई जीडी हरिशंकर प्रसाद सिंह, हेड कांस्टेबल घनश्याम प्रसाद, कांस्टेबल शैलेश खरवार, आनंद कुमार सिंह, दीपू कुमार पटेल समेत कई अधिकारी व जवान शामिल हुए।
इसके अलावा शहीद की धर्मपत्नी निर्मला देवी, पुत्र नीतीश कुमार, पंचायत के सरपंच हरि मंगल राय, पूर्व मुखिया शत्रुघ्न सिंह, राजीव कुमार, राम शंकर राय, सुखाई दास, रंजीत कुमार सिंह, बैद्यनाथ राय, मुकेश राय, सत्येंद्र राय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में शहीदों के सम्मान में संकल्प लिया कि देश के लिए बलिदान देने वालों की स्मृति कभी फीकी नहीं पड़ने दी जाएगी।













