-अखिल भारतीय किसान महासभा की राज्य कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक शुरू
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर के दीवान रोड स्थित किरणश्री भवन में अखिल भारतीय किसान महासभा की राज्य कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक की शुरुआत हुई। बैठक के पहले दिन पार्टी के शहीद वरिष्ठ नेता एवं झारखंड के चर्चित माले विधायक कामरेड महेन्द्र सिंह की 22वीं बरसी पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही माले केंद्रीय कंट्रोल कमीशन के चेयरमैन राजा बहुगुणा, किसान महासभा के राज्य उपाध्यक्ष का. विशेश्वर यादव सहित पिछली बैठक के बाद दिवंगत हुए अन्य साथियों को भी श्रद्धांजलि दी गई।
बैठक में अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव एवं काराकाट से माले सांसद का. राजाराम सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व आरा से माले सांसद सुदामा प्रसाद, विधायक एवं राज्य सह-सचिव अरुण सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कामरेड शिवसागर शर्मा, राज्य सचिव उमेश सिंह, अध्यक्ष मंजु प्रकाश, पूर्व विधायक रामबली सिंह यादव, राज्य सह-सचिव राजेन्द्र पटेल, मुजफ्फरपुर से जितेन्द्र प्रसाद, अविनाश पासवान सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

बैठक को संबोधित करते हुए महासचिव एवं सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार कारपोरेट कंपनियों के हित में नीतियां बनाकर किसानों के अधिकारों पर करारी चोट कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा बनाए रखने के लिए खेत, खेती और किसान किसानों के हाथ में ही रहना चाहिए। इसी तरह जल और जंगल पर आदिवासियों का अधिकार होना जरूरी है। यदि जमीन और जंगल कॉरपोरेट कंपनियों के हाथ में चले गए तो आम लोगों के सामने भोजन का भी संकट खड़ा हो जाएगा।
उन्होंने मनरेगा पर भी सरकार की नीति की आलोचना करते हुए कहा कि मनरेगा को वीबी ग्राम योजना में बदलना ठीक नहीं है। मनरेगा को कृषि से जोड़ा जाना चाहिए। साथ ही गांधी के नाम को मनरेगा से हटाने को उन्होंने पूरी तरह गलत बताया।
बैठक कल तक जारी रहेगी, जिसमें किसान और कृषि से जुड़े कई अहम मुद्दों पर आंदोलनात्मक कार्यक्रम तय किए जाएंगे। इसके अलावा देश और बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी विभिन्न अभियान तय किए जाएंगे। दो दिवसीय बैठक में हुए विचार-विमर्श और लिए गए निर्णयों की घोषणा 17 जनवरी को दोपहर 2 बजे आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से की जाएगी।














