-₹170 करोड़ के एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर का गया के खिजरसराय में शिलान्यास
-बिहार के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
पटना/गया।अनूप।
बिहार के औद्योगिक और कौशल विकास के क्षेत्र में शनिवार को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। गया जिले के खिजरसराय में लगभग ₹170 करोड़ की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया। यह केंद्र राज्य में उद्योग, नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन को नई दिशा देने वाला साबित होगा।
शिलान्यास समारोह में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री श्रेयसी सिंह, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, मंत्री विजय कुमार सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
बिहार सरकार ने इस परियोजना के लिए 20 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है। निर्माण पूरा होने के बाद यह टेक्नोलॉजी सेंटर प्रतिवर्ष 7,000 से अधिक युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देगा, जबकि 1,000 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को तकनीकी सहायता, अत्याधुनिक मशीनरी और परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
यह परियोजना केंद्र सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाना, कौशल विकास को बढ़ावा देना और स्थानीय उद्योगों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी देश की अग्रणी इंजीनियरिंग एवं अधोसंरचना कंपनी IRCON International Limited को सौंपी गई है। कंपनी अपने अनुभव के आधार पर विश्वस्तरीय गुणवत्ता के साथ इस टेक्नोलॉजी सेंटर का निर्माण करेगी।

कार्यक्रम के सफल आयोजन की जिम्मेदारी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी इवेंट4यू ने संभाली। महज तीन दिन के भीतर कार्यक्रम की संपूर्ण योजना, मंच निर्माण, ब्रांडिंग, वीआईपी प्रोटोकॉल, लॉजिस्टिक्स और अन्य व्यवस्थाओं का सफल संचालन कर कंपनी ने अपनी पेशेवर कार्यशैली का परिचय दिया। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि सीमित समय और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उनकी टीम ने कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया और भविष्य में भी ऐसे उच्चस्तरीय आयोजनों के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि खिजरसराय में बनने वाला एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर बिहार में औद्योगिक विकास, तकनीकी नवाचार, उद्यमिता और कौशल विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। साथ ही यह परियोजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और राज्य को आत्मनिर्भर औद्योगिक अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।












