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स्वामी सहजानंद सरस्वती की 77वीं पुण्यतिथि पर कार्यक्रम

-स्वामी सहजानंद सरस्वती की 77वीं पुण्यतिथि पर कार्यक्रम

-मोदफलपुर नामकरण और भारत रत्न की उठी मांग

मुजफ्फरपुर, 26 जून। किसान-मजदूर आंदोलन के प्रखर नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी स्वामी सहजानंद सरस्वती की 77वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को रेड क्रॉस सोसाइटी सभागार में भव्य श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में किसान, मजदूर, बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह में स्वामी सहजानंद के योगदान को याद करते हुए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न देने, बिहटा एयरपोर्ट और कृषि विश्वविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखने तथा मुजफ्फरपुर का नाम बदलकर “मोदफलपुर” करने की मांग प्रमुखता से उठी।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद, बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह, विधायक बेबी कुमारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक अनिल ठाकुर समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
अपने संबोधन में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती केवल संत ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण के महान योद्धा थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया गया, उसी तरह मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक नाम “मोदपुर” के आधार पर इसका नाम “मोदफलपुर” किए जाने पर विचार होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया।
युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहटा एयरपोर्ट का नाम स्वामी सहजानंद सरस्वती के नाम पर रखने और देश में उनके नाम से कृषि विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार से जंगलराज समाप्त करने के संघर्ष में उनके परिवार ने भी बड़ी कुर्बानी दी है।


केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने स्वामी सहजानंद को स्वतंत्रता सेनानी, संत, लेखक और क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी किसानों और मजदूरों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वहीं पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और किसान हितों के लिए उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक अनिल ठाकुर ने कहा कि स्वामी सहजानंद ने बिहार को किसान आंदोलन की नई दिशा दी और सामाजिक न्याय को मजबूत आधार प्रदान किया। उन्होंने छोटे किसानों और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए उनके संघर्ष को ऐतिहासिक बताया। पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसान हितैषी नीतियों की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम संयोजक रंगीश ठाकुर ने केंद्र सरकार से स्वामी सहजानंद सरस्वती को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करते हुए कहा कि किसान-मजदूरों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष सदैव याद रखा जाएगा।
विधायक बेबी कुमारी ने बोचहाँ में स्वामी सहजानंद की प्रतिमा स्थापित कराने का आश्वासन दिया, जबकि मेयर निर्मला साहू ने उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने की बात कही। भाजपा नेता विवेक कुमार ने उन्हें गरीबों और किसानों का सच्चा मसीहा बताया।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. अरुण कुमार ने किया। स्वागत भाषण उदय शंकर सिंह ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कवि संजय पंकज ने किया।
समारोह में रवि शंकर कुशवाहा, डॉ. अशोक शर्मा, हरेराम मिश्रा, मनोज कुमार सिंह, देवांशु किशोर, रवि नंदन सिंह, अधिवक्ता अरविंद कुमार सिंह, केशव चौबे, इंजीनियर संजीव कुमार, अभिराम त्रिपाठी, शिवपाल यादव, पप्पू यादव, मयंक सिंह, नरोत्तम सिंह बागी, आदित्य चौबे, रितेश चौहान, रजनीकांत शुक्ला, सोनू मिश्रा, राजेंद्र पासवान सहित हजारों लोग मौजूद रहे। अंत में सभी ने स्वामी सहजानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।