-शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं समृद्ध बिहार की मजबूत नींव : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
पटना, 27 अगस्त 2026(दीपक कुमार तिवारी)। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं समृद्ध बिहार की मजबूत नींव हैं। महिलाओं की उन्नति से ही बिहार की प्रगति को नई गति मिल सकती है। राज्य सरकार बेटियों और महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भर बनने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पटना स्थित मगध महिला महाविद्यालय परिसर में जी प्लस छह साइंस ब्लॉक एवं ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य का भूमि पूजन कर कार्यारंभ किया। उन्होंने कहा कि साइंस ब्लॉक के निर्माण से छात्राओं को विज्ञान विषयों की पढ़ाई के लिए आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। इससे उच्च शिक्षा और शोध के साथ रोजगार के नए अवसरों के लिए छात्राओं को तैयार करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय की छात्राओं से संवाद कर उनकी आकांक्षाओं, सुझावों और शैक्षणिक आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे निर्भीक होकर अपनी समस्याएं और सुझाव साझा करें। उन्होंने कहा कि सरकार यह जानना चाहती है कि महाविद्यालय और छात्राओं को शैक्षणिक क्षेत्र में किन सुविधाओं की आवश्यकता है और संस्थान को और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की बेटियां शिक्षा के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। सरकार का प्रयास है कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने छात्राओं से लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और समृद्ध बिहार के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं और बेटियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने शोधार्थी छात्राओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य अधिक से अधिक छात्राओं को शोध के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा को भी सरकार प्राथमिकता दे रही है। शिक्षण संस्थानों में पठन-पाठन के समय पुलिस दीदी की तैनाती की गई है, ताकि असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके और बहन-बेटियां सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर सकें।
उन्होंने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से बिहार के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सरकार सहयोग कर रही है। अधिक से अधिक विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में एक दिन में 211 डिग्री कॉलेज खोले गए हैं। इसके अलावा 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों की शुरुआत की गई है।

मुख्यमंत्री ने छात्राओं से कहा कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से वे अपनी समस्याएं और सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकती हैं। उनकी समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्राओं के सुझाव सरकार के लिए उपयोगी हैं और उनके आधार पर शैक्षणिक संस्थानों को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियां केवल शिक्षा हासिल कर रोजगार प्राप्त करने वाली न बनें, बल्कि उनमें इतनी योग्यता, कौशल और आत्मविश्वास विकसित हो कि वे रोजगार देने वाली भी बन सकें। छात्राओं को पढ़ाई के साथ खेलकूद, जिम और अन्य गतिविधियों में भी भाग लेने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि इससे उनका सर्वांगीण विकास होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की उन्नति बिहार सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है। विकसित और समृद्ध बिहार के निर्माण के लिए बेटियों को बेहतर शिक्षा और पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय की पत्रिका ‘स्वर’ का विमोचन किया। एनसीसी की छात्राओं ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुख्यमंत्री ने महिला छात्रावास का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और कहा कि छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। शोधार्थी छात्राओं ने मुख्यमंत्री को अभिनंदन पत्र भेंट कर मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना के लिए आभार जताया। महाविद्यालय की छात्राओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र भी बांधा।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजय कुमार सिंह, मगध महिला महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. एनपी वर्मा सहित शिक्षकगण और छात्राएं मौजूद रहीं।












