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रेलवे का बड़ा फैसला: 20 की जगह 24 बोगियों के साथ चलेंगी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें

-रेलवे का बड़ा फैसला: 20 की जगह 24 बोगियों के साथ चलेंगी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें

-यात्रियों को मिलेंगी 350 से अधिक अतिरिक्त सीटें

मुजफ्फरपुर। रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। ट्रेनों में लगातार बढ़ रही भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में एलएचबी रैक वाली ट्रेनों में 20 की जगह 24 बोगियां लगाने की योजना है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेलवे को पत्र भेजकर 24 बोगियों वाली ट्रेनों के परिचालन की व्यवस्था को लेकर समीक्षा रिपोर्ट मांगी है।
रेलवे बोर्ड के इस फैसले से मुजफ्फरपुर से होकर गुजरने वाली पवन एक्सप्रेस, मिथिला एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, मगध एक्सप्रेस और अवध-असम एक्सप्रेस समेत 100 से अधिक ट्रेनों में सीटों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। रेलवे करीब 3200 लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए नई मानक संरचना लागू करने की तैयारी में है।
नए मानक के तहत 24 बोगियों वाली प्रत्येक रैक में कम से कम चार जनरल बोगी रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा हर ट्रेन में छह से आठ स्लीपर कोच रखने का प्रावधान होगा। चार अतिरिक्त बोगियां जोड़े जाने से एक ट्रेन में सभी श्रेणियों को मिलाकर 350 से अधिक अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हो सकती हैं। रेलवे का यह कदम आम यात्रियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।


अभी कई लंबी दूरी की ट्रेनों में जनरल बोगियों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है। खासकर दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई से बिहार लौटने वाले यात्रियों को भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ता है। अतिरिक्त बोगियां जुड़ने से ऐसे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रेलवे ने भीड़ वाली ट्रेनों में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बोगियां जल्द जोड़ने की तैयारी की है। इससे मुजफ्फरपुर जंक्शन और बिहार से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता बढ़ेगी तथा वेटिंग लिस्ट कम होने की संभावना है। कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ने के साथ यात्रियों को यात्रा में भी सुविधा मिल सकती है।
हालांकि 24 बोगियों वाली लंबी रैक के परिचालन के लिए रेलवे को प्लेटफॉर्म और सिग्नलिंग व्यवस्था में भी बदलाव करना होगा। रेलकर्मियों के अनुसार अभी कई स्टेशनों के प्लेटफॉर्म और सिग्नलिंग सिस्टम 22 बोगियों वाली ट्रेनों के अनुरूप हैं। ऐसे में 24 बोगियों वाली ट्रेनों के सुचारु परिचालन से पहले स्टेशनों की आधारभूत संरचना और परिचालन व्यवस्था की समीक्षा जरूरी होगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार रैक की क्षमता बढ़ने से यात्रियों को अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी, वेटिंग लिस्ट में कमी आएगी और रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। अब क्षेत्रीय रेलवे से मिलने वाली समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर 24 बोगियों वाली ट्रेनों के परिचालन की आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।