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राजकीय समारोह में पूर्णिया के सिकलीगढ़ धरहरा में 40 फीट ऊंची होलिका दहन, 50 हजार श्रद्धालु बने साक्षी

-राजकीय समारोह में पूर्णिया के सिकलीगढ़ धरहरा में 40 फीट ऊंची होलिका दहन, 50 हजार श्रद्धालु बने साक्षी

पूर्णिया।फाल्गुन पूर्णिमा पर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होलिका दहन पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में बिहार के पूर्णिया जिले के बनमनखी स्थित सिकलीगढ़ धरहरा में आस्था, परंपरा और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां नरसिंह अवतार भक्त प्रह्लाद मंदिर परिसर में राजकीय समारोह के रूप में भव्य होलिका दहन का आयोजन किया गया।
पौराणिक मान्यता है कि इसी पावन धरती से होलिका दहन की परंपरा की शुरुआत हुई थी। इसी विश्वास के साथ 40 फीट ऊंची विशाल होलिका के पुतले का दहन किया गया। जैसे ही अग्नि प्रज्ज्वलित हुई, आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा और पूरा क्षेत्र “नरसिंह भगवान की जय” के जयकारों से गूंज उठा।
करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की मौजूदगी में आयोजित इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचे। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी विशेष प्रस्तुति हुई, जिसमें मशहूर बॉलीवुड गायक विनोद राठौड़ ने अपने गीतों से समां बांध दिया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह और बनमनखी विधायक सह सत्तारूढ़ दल के सचेतक कृष्ण कुमार ऋषि ने संयुक्त रूप से किया। जनप्रतिनिधियों ने इस आयोजन के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि स्थल की धार्मिक गरिमा को देखते हुए सरकार ने इसे राजकीय समारोह का दर्जा दिया है।
नरसिंह अवतार मंदिर ट्रस्ट के सचिव राकेश सिंह ने बताया कि मान्यता के अनुसार यहीं भगवान नरसिंह खंभे से प्रकट हुए थे और राक्षस राजा हिरण्यकश्यप का वध कर भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी। इसी स्थान पर होलिका अग्नि में भस्म हुई थी, जो भक्ति और सत्य की विजय का प्रतीक है।
साल 2016 से यहां राजकीय स्तर पर होलिका दहन का आयोजन किया जा रहा है और पिछले कई वर्षों से यह परंपरा लगातार जारी है। आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का यह संगम बनमनखी को विशेष पहचान दिला रहा है।