Advertisement

मुजफ्फरपुर: स्कूलों में डेस्क-बेंच खरीददारी के नाम पर खानापूर्ति का खेल,बन्दरा उपप्रमुख ने जताया एतराज

-स्कूलों में डेस्क-बेंच खरीददारी के नाम पर खानापूर्ति का खेल

-बन्दरा उपप्रमुख ने जताया एतराज
-बीडीओ को आवेदन कार्यवाई की मांग
-विद्यालय वाइज सूची भी मांगी

मुुुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक।

प्रखंड उप प्रमुख उमेश राय ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देकर प्रखंड क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2023-24 में विद्यालयों में बेंच-डेस्क की खरीदारी पर ऐतराज जताया है। उन्होंने खानापूर्ति का आरोप लगाते हुए इस मामले में जहां कार्रवाई की मांग की है,वही खरीदारी करने वाली विद्यालयों की सूची भी उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने दिए आवेदन में कहा है कि बिहार शिक्षा परियोजना शिक्षा विभाग से बन्दरा प्रखंड के कितने विद्यालयों में वित्तीय वर्ष 2023-24 में डेस्क- बेंच की खरीदारी की गई है।प्रत्येक विद्यालय में कितना बेंच-डेस्क खरीदारी करनी थी और कितना विद्यालय में हो गया है। पूर्व से विद्यालय में इस उपस्कर की कितनी उपलब्धता रही है और खरीदारी किसी वित्तीय वर्ष में किया गया। इसकी सूची उपलब्ध कराने की उन्होंने मांग की है। उन्होंने लिखा है कि ग्रामीण एवं विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों के द्वारा जानकारी दिया गया है कि बन्दरा प्रखंड में बहुत विद्यालय में बेंच-डेस्क की खरीदारी हेतु विद्यालय के प्रधान से बिना डेस्क-बेंच खरीदारी किए हुए वाउचर बिल पर हस्ताक्षर कराकर राशि निकासी का खेल कार्य एजेंसी के द्वारा किया गया है । वेंडर के द्वारा विद्यालय को बेंच-डेस्क आपूर्ति नहीं कराया गया है। आपूर्तिकर्ता के द्वारा राशि गबन के नियत से आपूर्ति नहीं किया गया है।

आपूर्तिकर्ता का नाम भी उन्होंने उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने इन बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए विद्यालय वाइज सूची उपलब्ध कराने की मांग की है। जिससे राशि गबन के खेल के संदर्भ में विस्तृत जानकारी उपलब्ध हो सके और इस मामले में वरीय अधिकारियों से शिकायत किया जा सके।उप प्रमुख ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में प्रातः विद्यालय में डेस्क-बेंच की कमी है। जिसके कारण से बच्चों को बैठने और शैक्षणिक कार्यों में दिक्कत होती है। बावजूद उपस्कर के नाम पर खानापूर्ति का यह बड़ा खेल खेला गया है। उन्होंने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में 94 प्राथमिक,मध्य एवं बुनियादी विद्यालय है। उन्होंने कहा कि मामले में कागजी और धरातल जांच की जरूरत है।