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भूमि विवाद निवारण शिविर में पहुंचे दर्जनों फरियादी, कई मामलों के समाधान को दिए गए निर्देश

-भूमि विवाद निवारण शिविर में पहुंचे दर्जनों फरियादी, कई मामलों के समाधान को दिए गए निर्देश

राजापाकर (वैशाली), संजय श्रीवास्तव। अंचल कार्यालय राजापाकर परिसर में शनिवार को भूमि विवाद निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में भूमि संबंधी विभिन्न मामलों के निपटारे को लेकर बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे और अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।

शिविर में अंचलाधिकारी गौरव कुमार, थानाध्यक्ष गौरीशंकर बैठा, राजस्व कर्मचारी अमित कुमार रंजन सहित अंचल कर्मी मुकेश कुमार, बच्चा सिंह, मुकेश कुमार रंजन एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। अंचलाधिकारी ने एक-एक कर भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई की और संबंधित पक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अंचलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि जिन मामलों में न्यायालय में वाद लंबित है, उनमें कोर्ट का फैसला आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों में संबंधित हल्का के राजस्व कर्मचारी की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

परिमार्जन से संबंधित शिकायतों पर उन्होंने फरियादियों को साइबर कैफे के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि रजिस्टर-दो में दर्ज खाता, खेसरा और रकबा के अनुसार आवेदन करें। आवेदन लॉगिन पर आने के बाद उसका परिमार्जन कर दिया जाएगा।

शिविर में लक्ष्मी शाह (ग्राम मटियारा) के मामले में मृत्यु उपरांत अनुदान से संबंधित आवेदन प्राप्त हुआ। वहीं ग्राम पंचई महेश निवासी अविनाश कुमार के भूमि विवाद मामले में दखल-कब्जा के लिए डीसीएलआर महुआ के समक्ष आवेदन देने का निर्देश दिया गया।

इसके अलावा नारायणपुर निवासी प्रेमचंद तिवारी के भूमि विवाद मामले में धारा 144 के तहत कार्रवाई करने की बात कही गई। बाकरपुर निवासी विनोद कुमार राय के मामले में 163 रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया। वहीं दामोदरपुर निवासी देवानंद ठाकुर के जमीन अतिक्रमण संबंधी विवाद में राजस्व कर्मचारी से भूमि की मापी कराकर आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया।

इस अवसर पर थानाध्यक्ष गौरीशंकर बैठा ने भूमि विवाद से जुड़े वादी एवं प्रतिवादियों को विवादित स्थल पर शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अगले शिविर में उपस्थित होकर आपसी संवाद एवं प्रशासनिक पहल के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करें।

शिविर के दौरान भूमि विवादों के त्वरित निष्पादन और लोगों को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देने पर विशेष जोर दिया गया।