Advertisement

बाढ़ से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन: डीएम ने कटरा-गायघाट में तटबंधों का लिया जायजा

-बाढ़ से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन: डीएम ने कटरा-गायघाट में तटबंधों का लिया जायजा

-कटावरोधी कार्य के लिए 7.98 करोड़ की मंजूरी

मुजफ्फरपुर, 26 जून। दीपक। संभावित बाढ़ की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में जिलाधिकारी कुमार गौरव ने शुक्रवार को अधिकारियों की टीम के साथ जिले के बाढ़ प्रभावित कटरा एवं गायघाट प्रखंड का दौरा कर तटबंधों, स्लुइस गेटों तथा बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित अंचलाधिकारियों को तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने और संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संभावित कटाव वाले स्थानों पर फ्लड फाइटिंग मटेरियल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य किया जा सके। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
डीएम ने स्लुइस गेटों का निरीक्षण कर उनके नियमित संचालन एवं तकनीकी जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने गेटों के आसपास जमी गाद, जलकुंभी एवं अन्य अवरोधों को तत्काल हटाकर निर्बाध जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने, जलस्तर के अनुसार समय पर स्लुइस गेट संचालित करने तथा सभी यांत्रिक उपकरणों को हर समय कार्यशील रखने का निर्देश दिया।


उन्होंने जल संसाधन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बाढ़ की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही तटबंधों एवं स्लुइस गेटों के आसपास किसी भी प्रकार के कटाव या क्षति की सूचना मिलते ही तत्काल मरम्मत कराने तथा आवश्यक संसाधन, मानवबल एवं उपकरण पहले से उपलब्ध रखने को कहा। संवेदनशील क्षेत्रों में 24×7 निगरानी और जिला नियंत्रण कक्ष को तत्काल सूचना उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
इस बीच जिले के लिए राहत भरी खबर भी सामने आई है। बागमती नदी के कटाव से प्रभावित रुन्नीसैदपुर-कटरा-केवटसा पथ की सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी की पहल पर करीब 7 करोड़ 98 लाख 35 हजार रुपये की लागत से कटावरोधी कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है।
बताया गया कि नवादा गांव के समीप बागमती नदी के कटाव से सड़क पर लगातार खतरा बना हुआ था। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने पथ निर्माण विभाग को पत्र लिखकर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद मुख्य अभियंता, उत्तर बिहार पथ प्रमंडल ने तकनीकी परीक्षण कर विस्तृत प्राक्कलन तैयार कराया और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
प्रस्तावित परियोजना के तहत बागमती नदी के किनारे वैज्ञानिक तरीके से कटावरोधी संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे नदी के तेज बहाव से सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में कटाव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण मिल सकेगा। परियोजना पूरी होने के बाद रुन्नीसैदपुर-कटरा-केवटसा पथ सुरक्षित रहेगा तथा इस मार्ग से आवागमन करने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
विभागीय आदेश में निर्माण कार्य के दौरान सभी तकनीकी एवं गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, अपर समाहर्ता आपदा शैलेश कुमार चौधरी, अंचलाधिकारी कटरा, अंचलाधिकारी गायघाट सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।