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बरियारपुर थाना पर बिजली चोरी के मामलों में एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही का आरोप

-बरियारपुर थाना पर बिजली चोरी के मामलों में एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही का आरोप

-विभाग ने एसपी से की कार्रवाई की मांग

मुजफ्फरपुर। सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले बिजली चोरी के मामलों में बरियारपुर थाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि बिजली तार और ट्रांसफॉर्मर चोरी जैसे मामलों में आवेदन मिलने के बावजूद पुलिस समय पर एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है, जिससे विभाग को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, छह अगस्त 2025 को बिजली तार चोरी के एक मामले में बरियारपुर के कनीय विद्युत अभियंता (जेई) द्वारा थाना में आवेदन दिया गया था, लेकिन लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसे लेकर विभाग ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है।


मामले की शिकायत बरियारपुर के जेई ने पूर्वी विद्युत प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता से की। इसके बाद कार्यपालक अभियंता ने ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी) को पत्र भेजकर पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही इस संबंध में जिला पदाधिकारी (डीएम), डीआईजी तथा पटना स्थित बिजली कंपनी के मुख्यालय को भी पत्र भेजा गया है।
ग्रामीण एसपी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पुलिस की सुस्ती के कारण बिजली चोरी के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने में कठिनाई हो रही है। इससे विभाग को लगातार राजस्व की क्षति उठानी पड़ रही है। पत्र में यह भी मांग की गई है कि एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो और सरकारी राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अब इस मामले में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि विभाग के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है।