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बन्दरा में नौशाद हत्याकांड का खुलासा: अवैध संबंध और पैसों के विवाद में रची गई थी हत्या की साजिश

-बन्दरा में नौशाद हत्याकांड का खुलासा: अवैध संबंध और पैसों के विवाद में रची गई थी हत्या की साजिश

मुजफ्फरपुर।दीपक। मुजफ्फरपुर के बन्दरा में हुए सनसनीखेज नौशाद आलम हत्याकांड का पुलिस ने महज एक सप्ताह के भीतर खुलासा कर पूरे मामले से पर्दा उठा दिया है। पियर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर छपड़ा गांव में 30 मई को मिले संदिग्ध शव ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। शुरुआती जांच में मामला रहस्यमय लग रहा था, लेकिन पुलिस की गहन पड़ताल में यह हत्या अवैध संबंध, आपसी रंजिश और आर्थिक विवाद का खतरनाक परिणाम निकली।

घटना की सूचना मिलते ही पियर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीपीओ ईस्ट-2 मनोज कुमार सिंह और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान मोहम्मद नौशाद आलम के रूप में हुई, जो मूल रूप से वैशाली जिले का निवासी था और लंबे समय से अपने ससुराल में रह रहा था।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नौशाद आलम का अपने चचेरे साले मोहम्मद सिराज की पत्नी के साथ अवैध संबंध था। इसी संबंध को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। इसके अलावा पैसों के लेन-देन को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा था, जिसने हत्या की साजिश को जन्म दिया।

पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन मोहम्मद सिराज ने अपने दो सहयोगियों मोहम्मद अशरफ और मोहम्मद शहाबुद्दीन के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई। तीनों ने नौशाद को बहाने से गांव के चौड़ क्षेत्र में बुलाया, जहां पहले शराब पार्टी कर माहौल सामान्य दिखाया गया। इसके बाद पूर्व नियोजित तरीके से नौशाद आलम की हत्या कर दी गई और आरोपी मौके से फरार हो गए।

हत्या के बाद आरोपी अपनी पहचान छिपाने की कोशिश में जुट गए, लेकिन तकनीकी साक्ष्य और मानवीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद सिराज को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करते हुए अपने दोनों साथियों की संलिप्तता भी उजागर कर दी। इसके बाद पुलिस ने मोहम्मद अशरफ और मोहम्मद शहाबुद्दीन को भी गिरफ्तार कर लिया।

ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि मामला प्रेम प्रसंग और आर्थिक विवाद से जुड़ा हुआ है। हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी और सभी आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल हत्या की गुत्थी सुलझ गई, बल्कि इलाके में फैली दहशत भी काफी हद तक कम हुई है।