-प्राणियों में सद्भावना से ही विश्व कल्याण संभव : अवनीश भटनागर
भागलपुर। भारती शिक्षा समिति बिहार एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के तत्वावधान में सैनिक स्कूल गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर, नरगाकोठी में आयोजित नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग एवं सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग के छठे दिन का शुभारंभ शुक्रवार को दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्या भारती के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर, गयाजी के विभाग निरीक्षक उमाशंकर पोद्दार एवं बांका के विभाग निरीक्षक ब्रह्मदेव प्रसाद ने संयुक्त रूप से किया।
अपने संबोधन में अवनीश भटनागर ने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था सीखने की प्रक्रिया पर आधारित है, जहां शिक्षक केवल वातावरण निर्माण का कार्य करता है और छात्र स्वयं सीखते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के अंदर श्रद्धा, तत्परता एवं मन पर नियंत्रण का भाव होना आवश्यक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत विकास नहीं, बल्कि परिवार, समाज, राष्ट्र और विश्व कल्याण भी है।

उन्होंने कहा कि प्राणियों के प्रति सद्भावना से ही विश्व कल्याण संभव है। व्यक्ति का सर्वांगीण विकास परिवार, समाज, राष्ट्र एवं सृष्टि के समन्वय से होता है। उन्होंने पंच ज्ञानेंद्रियों एवं पंच कर्मेंद्रियों को ज्ञानार्जन का साधन बताते हुए कहा कि अन्नमय कोश, प्राणमय कोश, मनोमय कोश, विज्ञानमय कोश एवं आनंदमय कोश के विकास से छात्रों का व्यक्तित्व निखरता है और वे समाज व राष्ट्र के लिए उपयोगी नागरिक बनते हैं।
कार्यक्रम में अतिथियों का परिचय उमाशंकर पोद्दार ने कराया। इस अवसर पर वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह सहित धरणीकांत पांडेय, वीरेंद्र कुमार, गंगा चौधरी, परमेश्वर कुमार, लाल बाबू प्रसाद, डॉ. रमेश मणि पाठक, राकेश पांडेय, जीवन राठौर, शंभू कुमार, सुशील कुमार, संजय कुमार, जितेंद्र प्रसाद, शशि भूषण मिश्र, गुरुदेव कुमार, रिचा कुमारी, राखी कुमारी, रिंकू कयाल समेत सभी प्रशिक्षणार्थी आचार्य उपस्थित रहे।












