-पत्नी की संदिग्ध मौत मामला: निलंबित बीडीओ के मोबाइल से महिला दारोगा के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें मिलने का दावा, जांच तेज
मुजफ्फरपुर। पत्नी की कथित दहेज हत्या के मामले में गिरफ्तार जाले के निलंबित बीडीओ मनोज कुमार और बेगूसराय की निलंबित महिला दारोगा अनु कुमारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस जांच के दौरान बीडीओ के जब्त मोबाइल फोन से महिला दारोगा के साथ कई सेल्फी और कथित आपत्तिजनक तस्वीरें मिलने का दावा किया गया है। पुलिस का कहना है कि इन तस्वीरों को केस में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल की पड़ताल में दोनों के बीच लगातार संपर्क के भी संकेत मिले हैं। पुलिस का दावा है कि महिला दारोगा छुट्टी लेकर अक्सर बीडीओ के साथ बाहर जाती थी और दोनों के बीच देर रात तक मोबाइल पर लंबी बातचीत होती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि महिला दारोगा के साथ संबंधों के कारण बीडीओ अपनी पत्नी के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता था। हालांकि इन तथ्यों की पुष्टि अभी पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
इस मामले में बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक ने महिला दारोगा अनु कुमारी को निलंबित कर दिया है। वहीं, जाले के बीडीओ मनोज कुमार को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। महिला दारोगा को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में अदालत के आदेश पर पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया।

इधर, पुलिस ने बीडीओ के परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार को उनकी गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन सभी आरोपी फरार मिले। पुलिस ने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के लिए अदालत से वारंट जारी कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि तीन जुलाई की रात मिठनपुरा थाना क्षेत्र के कन्हौली इलाके में बीडीओ की पत्नी अमृता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है और मौत के वास्तविक कारण का खुलासा रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
मिठनपुरा पुलिस जब्त मोबाइल फोन की डिजिटल जांच के साथ अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












