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पति की मौत के बाद महिला से दुष्कर्म, दोषी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास

-पति की मौत के बाद महिला से दुष्कर्म, दोषी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास

मुजफ्फरपुर। जिले की विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-3 की न्यायाधीश नूर सुल्ताना की अदालत ने सरैया थाना क्षेत्र की 25 वर्षीय महिला से दुष्कर्म के मामले में दोषी धीरेंद्र पासवान उर्फ मोती पासवान को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर उसे दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

मामले में विशेष लोक अभियोजक राजीव रंजन राजू ने अदालत के समक्ष आठ गवाहों के बयान और अन्य पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत किए। अधिवक्ता मिकी ने भी अभियोजन पक्ष की ओर से सहयोग किया।

मामला वर्ष 2019 का है। पीड़िता ने 21 नवंबर 2020 को सरैया थाने में धीरेंद्र पासवान के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार, महिला के पति की मौत 1 जुलाई 2019 को हो गई थी। उसके तीन बच्चे थे। पति की मौत के बाद आरोपित महिला से छेड़खानी करने लगा।

आरोप है कि दिसंबर 2019 में आरोपित ने महिला को खेत में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। कुछ समय बाद मायके से लौटने पर महिला को अपने गर्भवती होने की जानकारी मिली। लोकलाज और बच्चों के भविष्य को देखते हुए उसने तत्काल कोई कदम नहीं उठाया।

बाद में ससुराल वालों को घटना और गर्भवती होने की जानकारी हुई, जिसके बाद पंचायत बुलाई गई। पंचायत में आरोपित ने इलाज के लिए महिला को 10 हजार रुपये दिए, लेकिन बाद में बच्चे को अपनाने से इनकार कर दिया। महिला ने 6 सितंबर 2021 को बच्चे को जन्म दिया।

मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान नवजात बच्चे और आरोपित का डीएनए परीक्षण कराया गया। डीएनए जांच की रिपोर्ट में दोनों का मिलान हुआ। अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान और डीएनए रिपोर्ट समेत अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को अदालत ने महत्वपूर्ण माना। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने धीरेंद्र पासवान उर्फ मोती पासवान को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।