-देश टूट रहा है, प्रधानमंत्री ओली को देना चाहिए इस्तीफा: प्रभु साह
-जनकपुरधाम में आजपा अध्यक्ष ने अंतरिम सरकार की मांग उठाई
रिपोर्टर: मिश्री लाल मधुकर | जनकपुरधाम
जनकपुरधाम में शनिवार को आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए आम जनता पार्टी (आजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रभु साह ने देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, लूट, अराजकता और दलीय राजनीति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कारणों से देश विघटन की कगार पर पहुंच गया है।
प्रभु साह ने कहा, “देश को बचाने का एकमात्र रास्ता प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का इस्तीफा और एक अंतरिम सरकार का गठन है।” उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही और उसकी नीति, नीयत और निर्णय आम नागरिकों को निराश कर रहे हैं।
दलीय राजनीति बन रही बाधा:
साह ने कहा कि दलीय राजनीति ने लोकतंत्र और गणतंत्र को बदनाम कर दिया है। सरकार न तो समावेशी बजट ला सकी है और न ही देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने के उपाय कर पाई है। उन्होंने कहा, “नेताओं की लूट, मनमानी और अक्षमता के कारण देश आर्थिक और सामाजिक संकट में फंसा हुआ है।”

मधेस और कर्णाली के साथ भेदभाव:
प्रभु साह ने आरोप लगाया कि सरकार ने बजट में मधेस और कर्णाली जैसे क्षेत्रों के साथ भेदभाव किया है, जबकि ये क्षेत्र मानव विकास सूचकांक में पहले ही पिछड़ चुके हैं।
सीमावर्ती क्षेत्रों में लूट और मानव तस्करी:
उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रहरी (सुरक्षा बल) द्वारा निजी संपत्तियों की लूट की घटनाएं सामने आ रही हैं। साथ ही, नकली ‘भिजिट वीजा’ के नाम पर मानव तस्करी की घटनाएं भी बढ़ी हैं।
कार्यक्रम में शामिल रहे कई प्रमुख नेता:
इस सभा की अध्यक्षता उमेश कुशवाहा ने की। सभा को रीता देवी साह, अशोक लामा, विलटू यादव, श्री चन मुखिया, श्री लाल महासेठ, शैलेन्द्र साह और अंबू प्रसाद साह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
मुख्य बिंदु:
भ्रष्टाचार और अराजकता के खिलाफ आजपा का प्रदर्शन
प्रधानमंत्री ओली से इस्तीफे की मांग
अंतरिम सरकार के गठन की मांग
बजट में मधेस और कर्णाली की उपेक्षा का आरोप
मानव तस्करी और प्रहरी द्वारा लूट की शिकायत
#प्रभु_साह #आजपा #जनकपुरधामसभा #ओली_इस्तीफा_दो #नेपाल_राजनीति #मधेस_वंचित #भ्रष्टाचार_के_खिलाफ














