-दुर्गा पूजा को लेकर नए निर्देश, 20 फीट तक ही हो सकेगी मूर्ति, पंडाल की ऊंचाई 40 फीट निर्धारित
मुजफ्फरपुर। आगामी दुर्गा पूजा एवं अन्य पूजा आयोजनों को लेकर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने मूर्ति निर्माण और पूजा पंडालों के संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पर्षद के सदस्य सचिव ने सभी जिलों के डीएम को पत्र भेजकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुरूप नियमों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा है।
निर्देश के अनुसार पूजा में स्थापित की जाने वाली मूर्तियों की अधिकतम ऊंचाई 20 फीट निर्धारित की गई है। वहीं पंडाल की ऊपरी संरचना की अधिकतम ऊंचाई 40 फीट रखने का निर्देश दिया गया है। इन नियमों का असर शहर के कई बड़े पूजा पंडालों की तैयारी और डिजाइन पर पड़ सकता है।

मूर्ति निर्माण में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। इसके अलावा पारा, कैडमियम, आर्सेनिक, शीशा और क्रोमियम जैसी जहरीली धातुओं वाले कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा। मूर्तियों की रंगाई के लिए पानी में घुलनशील और गैर-विषैले प्राकृतिक रंगों का उपयोग करने को कहा गया है।
पूजा पंडालों और मूर्तियों के निर्माण में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक एवं थर्मोकोल के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से पर्षद ने मूर्तियों के विसर्जन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है।
निर्देश के मुताबिक मूर्तियों का विसर्जन नदियों में नहीं, बल्कि निर्धारित कृत्रिम तालाबों में किया जाएगा। हालांकि कई पूजा समितियों और संगठनों की ओर से नदियों में विसर्जन की अनुमति देने की मांग की जाती रही है, लेकिन पर्षद ने फिलहाल कृत्रिम तालाब में विसर्जन की व्यवस्था को ही लागू रखने के निर्देश दिए हैं।












