-डॉक्टर नहीं लेंगे इमरजेंसी केस, अस्पतालों पर हमलों के बाद नेमा ने दी चेतावनी
– हॉस्पिटलों में तोड़फोड़ और हमले को लेकर विवाद
मोतिहारी, राजन द्विवेदी ।
रहमानिया हॉस्पिटल के बाद सनराइज हॉस्पिटल में पेशेंट के मौत के बाद हुए हमले से डॉक्टर डरे हुए है, लगातार हॉस्पिटल पर हो रहे हमले से डॉक्टर दहशत में हैं, दहशत के पीछे की वजह है की इलाज के दौरान पेशेंट के मौत के बाद परिजन द्वारा हॉस्पिटल में तोड़ फोड़ कर हॉस्पिटल और डॉक्टर को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जो की डॉक्टर और पेशेंट दोनों के लिए ठीक नहीं है।इसको लेकर शहर के एक होटल में नेमा की बैठक अध्यक्ष डॉ. खबीर की अध्यक्षता में बुलाई गई, जिसमे बड़ी संख्या में डॉक्टर शामिल हुए। जिसमें सभी डॉक्टर में एक ही बात रखी की अगर इस तरह का स्थिति रहेगा तो हम लोग इलाज कैसे कर पाएंगे, इसका कोई ना कोई रास्ता तो निकालना पड़ेगा।
जिस पर नेमा के अध्यक्ष ने कहा की अगर इसमें सुधार नहीं होता है तो आने वाले समय में मोतिहारी के कोई भी डॉक्टर इमरजेंसी केस नहीं लेंगे, उन्हें थोड़ा भी लगे की इनकी स्थिति नाजुक है उन्हें तुरंत रेफर कर दे, इससे क्या होगा की आप खुद सुरक्षित रहेंगे। इसके अलावा आपके यहां जो अन्य पेशेंट है वह भी सुरक्षित रहेगा, पहले जो हम रिस्क ले कर इलाज करते थे और बहुत सारे पेशेंट को ठीक किए थे, वह अब नहीं करना है, जब हम इलाज करेंगे तो दो ही चीज होगा ठीक होगा या नहीं ऐसे अगर जिस तरह से परिजन हंगामा कर रहे है हॉस्पिटल में तोड़फोड़ कर रहे है, ऐसे में क्या जरूरत है रिस्क लेने का।

वहीं 2 दिन पहले सनराइज हॉस्पिटल में सड़क दुर्घटना में घायल युवक के इलाज के दौरान हुई मौत के बाद इलाज करने वाले डॉक्टर राजू भी प्रेस के सामने आए और उसकी क्या स्थिति थी, इसके बारे में जानकारी दी। डॉक्टर राजू ने बताया कि जब पेशेंट आया तो काफी सीरियस था, सड़क दुर्घटना हुई थी सदर अस्पताल रेफर किया था, ब्रेन हेमरेज किया था, फस्ट ट्रैक करने के बाद परिजनों को बोले की आप इसे हायर सेंटर ले जाइए, लेकिन वह पाव पकड़ कर बोले की इस रात में कहा ले कर जाएं।
– परिजन ने हॉस्पिटल में जम कर की तोड़फोड़
उन्होंने बोला, ‘आप इलाज करिए हम पैसे का इंतजाम कर रहे है, सीटी कराया तो ब्रेन हेमरेज आया और कई बड़े इंज्युरी थे, परिजन को बोलने के बाद भी नहीं ले गए तब तक पेशेंट की मौत हो गई, उसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर जम कर तोड़फोड़ किया, अगर समय रहते पुलिस नहीं आती तो और क्या होता भगवान मालिक थे।30 सितंबर की सुबह सनराइज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान के पेशेंट बबलू की मौत हो गई थी, जिसके बाद उसके परिजन ने हॉस्पिटल में जम कर तोड़फोड़ और एनएच जाम कर हंगामा किया था, जिसके बाद पुलिस सभी को समझा कर जाम खुलवाया था।












