-चिरकुंडा के बराकर नदी के रास्ते गौ तस्करी, झारखंड से भेजा जाता है पश्चिम बंगाल
निरसा ।संवाददाता।
झारखंड पश्चिम बंगाल सीमा क्षेत्र चिरकुंडा थाना क्षेत्र से इन दिनों गौ तस्करी बड़े पैमाने पर जोर शोर किया जा रहा है। बताया जाता है कि तस्करी का पूरा खेल स्थानीय पुलिस के सांठगांठ से किया जा रहा है। नदी द्वारा नए रास्तों को अपना जरिया बनाते हुए तस्करी दिन के उजालों में डंके की चोट पर हो रही है। मंगलवार सुबह तक़रीबन 6बजे कुमारधुबी कोलियरी के बराकर नदी के तट पर पिकअप वैन से क़रीब 10 गौ को उतरा गया। जिसके बाद पशुओं को पैदल और बछड़े को कंदों पर लाद कर बरकार नदी के रास्ते पश्चिम बंगाल ले गया।

मौके पर चिरकुंडा पुलिस के गश्ती दल पहुची और तस्करों के साथ कुछ गुफ्तगू बाते हुई जिसके बाद पुलिस लौट गई। यह पूरा नजारा स्थानीय लोगों ने देखा । उनका कहना है कि यह सिलसिला कई दिनों से चल रहा है। लोगों का कहना है कि बिहार व यूपी से प्रत्येक दिन मवेशी आते हैं जिसे मैथन थाना क्षेत्र के संजय चौक के समीप खटालो में मवेशियों के पड़ाव होता है। जहां से आगे की रणनीति तैयार कर मैथन और चिरकुंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत नदी के रास्ते बंगाल भेजा जाता है। जानकारी के अनुसार प्रत्येक दिन बरकार नदी के कुमारधुबी कोलियरी घाट से 5 से 6 पिकअप वैन पशुओं को लोड कर आते है और उसे नदी के रास्ते पं बंगाल भेजा जाता है।
हालांकि इस मामले में चिरकुंडा पुलिस का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है यदि ऐसा मामला है तो तस्करों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
जानकारी के अनुसार इजाद करते हुए पशु तस्करी कर रहे है। झारखंड के रास्ते बंगाल पशुओं को भेजा जा रहा है मुख्य मार्ग से पशु तस्करी पर हुई रोक के बावजूद भी पशु तस्कर चुप नहीं बैठे हैं और नए रास्ते अर्थात बराकर नदी मार्ग से पशुओं को तैराकर तथा पशु के बच्चों को कंधे पर लादकर नदी पार करा कर पशुओं को पश्चिम बंगाल ले जाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।मंगलवार के दिन सुबह 6 बजे कुमारधुबी कोलियरी के बराकर नदी के तट पर पिकअप भैन से करीब 10 गाय लोड कर तस्करों द्वारा नदी के किनारे उतारा और उसके बाद पशुओं को पैदल नदी पार करा कर पश्चिम बंगाल के बराकर की तरफ ले गया। मौके पर चिरकुंडा पुलिस के गश्ती दल भी पहुंची और पशु तस्करों और गश्ती दल के बीच में कुछ गुफ्तगू हुई उसके बाद पुलिस वापस अपने गश्ती वाहन से लौट गई स्थानीय लोगों ने पूरे वाक्या को देखा और बताया कि प्रत्येक दिन बराकर नदी के कुमारधुबी कोलियरी घाट पर 5 से 7 पिकअप मवेशी लोड कर तस्कर लाते हैं और यहां उतार कर पैदल नदी पार कराते हुए पश्चिम बंगाल की तरफ ले जाते हैं पुलिस पहुंचती है इन तस्करों से बात करती है फिर पुलिस वापस लौट जाती है और तस्कर अपने कार्य निर्भय होकर करते रहते हैं।
तस्कर अपने साथ छोटे छोटे मवेशी के बच्चो को भी लाते हैं ताकि लोग दुधारू पशु समझकर किसी प्रकार का रोक टोक न करे और बच्चो को दिखाकर तस्कर मवेशियो को नदी पार कराया जाता है यह सिलसिला प्रत्येक दिन का है।
बिहार व युपी से प्रत्येक दिन मवेशी आते है और मैथन थाना क्षेत्र मे संजय चौक के समिप खटाल में मवेशियो का पडाव होता है और वहां से रणनीति बनती है मैथन थाना व चिरकुंडा थाना को सेट कर मवेशियो को नदी के रास्ते पं बंगाल भेजा जाता है।
इस संबध मे चिरकुंडा थाना के इंस्पेक्टर का कहना है कि यह विषय मेरे संज्ञान मे नही था यदि ऐसी बात है तो जल्द ही पशु तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
















