-गड्ढे में मिली सरकारी दवाइयां और सर्जिकल सामान, स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटा
राजापाकर/संजय श्रीवास्तव। राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के लागुराव चौड़ स्थित एक गड्ढे में मंगलवार सुबह भारी मात्रा में सरकारी अस्पतालों में वितरित की जाने वाली दवाइयां और सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण फेंके जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों ने गड्ढे में बड़ी संख्या में दवा के पैकेट, इंजेक्शन और चिकित्सीय सामग्री देखी, जिसके बाद इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दी गई। सूचना पर राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम और जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा मामले की जांच शुरू की।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दवाइयों और उपकरणों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दवाओं के बैच नंबर और एक्सपायरी तिथि की पड़ताल की गई। अधिकांश दवाइयों पर जनवरी 2027 तक की एक्सपायरी अंकित पाई गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि दवाइयां अभी उपयोग योग्य थीं।

फेंकी गई दवाओं में मेटफॉर्मिन, लैक्टोलोस, पीडियाड्रिप, सिल्वर सल्फाडायजिन, बी-कॉम्प्लेक्स सिरप, परमैथ्रिन क्रीम, माइकोनाजोल क्रीम और ओआरएस के पैकेट शामिल हैं। वहीं बड़ी संख्या में नई सिरिंज, यूरिन बैग और सर्जिकल ग्लव्स भी बरामद किए गए। दवाइयों और उपकरणों की मात्रा देखकर ग्रामीण भी हैरान रह गए।
मौके पर पहुंचे जिला स्टोर प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में फेंकी गई दवाइयां वैशाली जिले की नहीं लग रही हैं। उन्होंने कहा कि दवाओं पर अंकित बैच नंबर जिले को आवंटित बैच से मेल नहीं खा रहा है। प्रथम दृष्टया मामला किसी साजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी है और उनके निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी दवाइयों और चिकित्सीय सामग्री को खुले में फेंके जाने की घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।












