-औराई में सैनिक स्कूल की पहल तेज, जिला प्रशासन से प्रस्ताव भेजने को कहा
मुजफ्फरपुर/औराई। बिहार में मुजफ्फरपुर के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार की देश में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने की योजना के तहत मुजफ्फरपुर जिले के औराई में भी सैनिक स्कूल स्थापित करने की पहल शुरू हो गई है। राज्य के पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद ने जिला प्रशासन से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर भेजने को कहा है। प्रस्ताव भेजे जाने के बाद केंद्र स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
औराई में सैनिक स्कूल खोलने को लेकर मंत्री रमा निषाद पहले ही पहल कर चुके हैं। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजकर पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में प्रस्तावित सैनिक स्कूल के लिए औराई का चयन करने का आग्रह किया था। मंत्री ने कहा था कि औराई क्षेत्र में पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए यहां सैनिक स्कूल की स्थापना काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
मंत्री के अनुसार सैनिक स्कूल खुलने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन आधारित शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए दूसरे जिलों की ओर जाने की आवश्यकता भी कम हो सकती है।

इस संबंध में रक्षा मंत्रालय की ओर से मिले जवाब में बताया गया कि बिहार के मुजफ्फरपुर और मुंगेर जिले से सैनिक स्कूल की स्थापना के लिए प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। इसके बाद औराई में सैनिक स्कूल की स्थापना के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रस्ताव तैयार कर संबंधित स्तर पर भेजने की कवायद शुरू की जा रही है।
केंद्र सरकार की योजना के तहत प्रस्तावित नए सैनिक स्कूल पीपीपी मॉडल पर स्थापित किए जाने हैं। औराई का चयन होने पर यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकेगा। सैनिक स्कूल की स्थापना से क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने जिले में ही बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलने की उम्मीद है।
मंत्री रमा निषाद ने जिला पदाधिकारी को जल्द प्रस्ताव तैयार कर संबंधित स्तर पर भेजने को कहा है। जिला प्रशासन की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने के बाद केंद्र स्तर पर आगे की कार्रवाई होगी। अब औराई के लोगों और विद्यार्थियों की नजर प्रस्ताव को मिलने वाली मंजूरी तथा सैनिक स्कूल की स्थापना की प्रक्रिया की गति पर टिकी है।













