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एसकेएमसीएच में लापरवाही का आरोप: दो दिन तक नाक में फंसे मोती के साथ तड़पता रहा मासूम, इलाज के लिए भटकती रही मां

-एसकेएमसीएच में लापरवाही का आरोप: दो दिन तक नाक में फंसे मोती के साथ तड़पता रहा मासूम, इलाज के लिए भटकती रही मां

मुजफ्फरपुर। श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में डॉक्टरों की कथित संवेदनहीनता और लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो वर्षीय मासूम के नाक में फंसे मोती को निकालने के लिए उसकी मां को लगातार दो दिनों तक अस्पताल में भटकना पड़ा। इस दौरान बच्चा दर्द से तड़पता रहा और उसे सांस लेने में भी परेशानी होती रही, लेकिन समय पर उपचार नहीं मिलने से परिजन परेशान रहे।
जानकारी के अनुसार, बच्चे की नाक में मोती फंस जाने के बाद उसकी मां उसे इलाज के लिए एसकेएमसीएच लेकर पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उन्हें एक विभाग से दूसरे विभाग भेजा जाता रहा, लेकिन किसी भी चिकित्सक ने तत्काल उपचार शुरू नहीं किया। इस बीच मासूम लगातार दर्द से परेशान रहा और उसकी तकलीफ बढ़ती गई।


परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर इलाज मिल जाता तो बच्चे को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। उनका कहना है कि दो दिनों तक अस्पताल के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें उचित चिकित्सीय सुविधा नहीं मिली।
यह मामला सामने आने के बाद एसकेएमसीएच की स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली आपातकालीन सेवाओं पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यदि परिजनों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज में देरी किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।