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एमडीडीएम कॉलेज में हिंदी दिवस समारोह, हिंदी को सांस्कृतिक जागरण और आजादी की भाषा बताया

-एमडीडीएम कॉलेज में हिंदी दिवस समारोह, हिंदी को सांस्कृतिक जागरण और आजादी की भाषा बताया

मुजफ्फरपुर। महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय में सोमवार को स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के तत्वावधान में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश रंजन ने की। उन्होंने राजभाषा हिंदी के महत्व और विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “हिंदी सांस्कृतिक जागरण और आजादी की भाषा है।”

डॉ. राकेश रंजन ने कहा कि हिंदी भारत की आत्मा है। हिंदी को स्वबोध और आवश्यकता के अनुरूप विकसित होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक भाषा है और जागरण तथा आजादी की भाषा रही है। दुख में आंसू, सुख में हंसी और युद्ध में तलवार बनकर हिंदी ने देश की सेवा की है। इसकी देन अमूल्य है।

सहायक प्राध्यापक डॉ. रामदुलार सहनी ने हिंदी दिवस के औचित्य पर विचार रखते हुए कहा कि हिंदी अभी तक संपूर्ण राष्ट्र की भाषा नहीं बन पाई है, जो एक बड़ी चुनौती है। हिंदी के विकास के लिए सभी राज्यों के सहयोग की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में छात्राओं ने भी हिंदी भाषा के महत्व पर अपने विचार रखे। स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा अंजलि कुमारी ने हिंदी को भारत की जान और बिंदी बताया। मोनिका कुमारी ने हिंदी को एकता की भाषा कहा। स्नातक प्रथम सेमेस्टर की छात्रा अनुष्का ने कहा कि हिंदी भारत को एकसूत्र में बांधती है, जबकि स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा दिव्य लता ने हिंदी को भारत की सांस्कृतिक एकता स्थापित करने वाली भाषा बताया।

हिंदी दिवस के अवसर पर मधु कुमारी, ज्योति कुमारी, साक्षी कुमारी, शिखा कुमारी, पल्लवी कुमारी और मोहिनी कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा दिव्य लता ने ‘रश्मिरथी’ का काव्यपाठ प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का मंच संचालन स्नातकोत्तर हिंदी द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा चांदनी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अंजलि कुमारी ने किया। मौके पर महाविद्यालय की छात्राएं एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे।