-एनक्वास प्रमाणपत्र मिला, फिर भी मरीजों के लिए बंद मिला महगामा का आयुष्मान आरोग्य मंदिर
मुंगेर/धरहरा। सरकार गांव-गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड की महगामा पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र आम दिनों में भी अक्सर बंद रहता है। सोमवार को दिन के समय भी केंद्र के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्यकर्मियों को लाइव लोकेशन भेजने और निर्धारित समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके बावजूद महगामा का आयुष्मान आरोग्य मंदिर मरीजों को स्वास्थ्य सेवा देने के बजाय बंद मिला। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि जब स्वास्थ्य केंद्र ही समय पर नहीं खुलेगा, तो उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ कैसे मिलेगा?
एनक्वास प्रमाणपत्र के बाद और गंभीर हुए सवाल:
धरहरा प्रखंड के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को एनक्वास प्रमाणीकरण के लिए स्टेट टीम की ओर से प्रमाणपत्र दिए जाने की जानकारी है। एनक्वास का उद्देश्य स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध सेवाओं, गुणवत्ता, मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य व्यवस्था के मानकों को बेहतर बनाना है। ऐसे में जिस केंद्र को गुणवत्ता से जुड़े प्रमाणीकरण का प्रमाणपत्र मिला हो, उसका दिन में ही बंद मिलना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि कागजों पर स्वास्थ्य केंद्र बेहतर सुविधाओं और गुणवत्ता के मानकों को पूरा कर रहा है, तो धरातल पर मरीजों को नियमित स्वास्थ्य सेवा क्यों नहीं मिल रही है।
टेलीमेडिसिन व्यवस्था को लेकर भी उठ चुके हैं सवाल:
महगामा स्थित इस स्वास्थ्य केंद्र की टेलीमेडिसिन व्यवस्था को लेकर भी पूर्व में सवाल उठ चुके हैं। अब केंद्र के नियमित रूप से नहीं खुलने की शिकायत सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि केंद्र के संचालन और कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी होती है, तो दिन के समय स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका होने की स्थिति विभागीय स्तर पर क्यों नहीं पकड़ी जा रही है?
सोमवार को केंद्र बंद मिलने की जानकारी प्रभारी अविनाश कुमार को दी गई। हालांकि खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से इस संबंध में कोई जवाब नहीं मिल सका। सूत्रों के अनुसार, केंद्र की वर्तमान सीएचओ 1 अगस्त से अवकाश पर हैं।
अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर केंद्र बंद रहने के कारणों और कर्मचारियों की उपस्थिति की स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं। फिलहाल महगामा के ग्रामीणों के बीच यही सवाल चर्चा में है कि जब स्वास्थ्य केंद्र को एनक्वास प्रमाणपत्र मिला है, तो मरीजों को नियमित स्वास्थ्य सेवा आखिर क्यों नहीं मिल रही है?












