-एक लैब टेक्नीशियन के भरोसे बंदरा CHC, बढ़ते मरीजों के दबाब में जांच व्यवस्था
मुजफ्फरपुर/बंदरा।दीपक। प्रखंड के बंदरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लैब जांच व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। पूरे अस्पताल की पैथोलॉजी जांच का जिम्मा केवल एक लैब टेक्नीशियन पर होने से मरीजों को समय पर जांच और रिपोर्ट मिलने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज खून, पेशाब समेत अन्य जरूरी जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन स्टाफ की भारी कमी के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यहां न तो आरएनटीसीपी (टीबी जांच) के लिए अलग लैब टेक्नीशियन की व्यवस्था है और न ही सामान्य जांच के लिए अतिरिक्त कर्मी उपलब्ध हैं।
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में मौजूद सेमी-ऑटो एनालाइजर मशीन के बावजूद अधिकांश जांच मैनुअल तरीके से करनी पड़ रही है, जिससे समय अधिक लगता है। ऐसे में अकेले टेक्नीशियन को रजिस्टर में मरीजों का रिकॉर्ड दर्ज करना, सैंपल कलेक्शन, करीब 40 प्रकार की जांच करना, रिपोर्ट तैयार कर वितरण करना, साथ ही ऑनलाइन रिपोर्टिंग और सत्यापन जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य एक साथ करने पड़ रहे हैं। इससे जांच की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों प्रभावित हो रही हैं।

गौरतलब है कि पहले यह अस्पताल मात्र 7 बेड का था, जिसे अब बढ़ाकर 30 बेड का कर दिया गया है। मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि के बावजूद लैब स्टाफ में कोई इजाफा नहीं किया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों और मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द अतिरिक्त लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति कर जांच व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की है, ताकि लोगों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
इस संबंध में सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नौशाद अहमद ने बताया कि स्टाफ की नियुक्ति उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। फिलहाल लैब टेक्नीशियन को सहयोग देने के लिए एक एएनएम की तैनाती की गई है।











