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स्कूल परिसर में आर्केस्ट्रा के दौरान पिस्टल लहराने का वीडियो वायरल, पुलिस ने लाइटर किया जब्त

-स्कूल परिसर में आर्केस्ट्रा के दौरान पिस्टल लहराने का वीडियो वायरल, पुलिस ने लाइटर किया जब्त

मधुबनी। कलुआही प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय हरिपुर गौड़ी दास टोल परिसर में जन्माष्टमी पूजा के अवसर पर आयोजित आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक नर्तकी कथित तौर पर एक हाथ में सिगरेट और दूसरे हाथ में पिस्टल जैसी वस्तु लहराते हुए प्रस्तुति देती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की।

कलुआही थानाध्यक्ष पायल भारती ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर कथित नर्तकी को थाना बुलाकर सत्यापन किया गया। पुलिस जांच में वीडियो में दिखाई दे रही पिस्टल असली नहीं, बल्कि सिगरेट लाइटर निकली। पुलिस ने उक्त लाइटर को जब्त कर लिया है। साथ ही नर्तकी और कार्यक्रम आयोजकों को भविष्य में इस तरह की हरकत नहीं करने की सख्त चेतावनी दी गई है।

थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि सरकारी विद्यालय परिसर में आर्केस्ट्रा कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति पूजा समिति को शिक्षा विभाग से मिली थी या नहीं। इस बिंदु पर जांच के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधुबनी को पत्र भेजा गया है।

बताया जाता है कि मध्य विद्यालय हरिपुर गौड़ी दास टोल परिसर में कई मंदिर हैं और यहां वर्षों से छह दिवसीय जन्माष्टमी पूजा का आयोजन होता रहा है। भगवान कृष्ण के जन्म से लेकर छठिहार तक पूजा-अर्चना की जाती है। जन्माष्टमी पूजा के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में आर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था।

कार्यक्रम के दौरान एक कथित आपत्तिजनक गीत बजने पर नर्तकी सिगरेट पीते हुए और हथियार जैसी वस्तु लहराते हुए प्रस्तुति देती दिखाई दी। वीडियो वायरल होने के बाद स्कूल परिसर में इस तरह के आयोजन को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई। आयोजन समिति के सदस्यों के अनुसार, जब कार्यक्रम में गलत तरीके से प्रस्तुति शुरू हुई और माहौल बिगड़ने लगा तो समिति ने आखिरी समय में कार्यक्रम को रुकवा दिया था। समिति ने यह भी स्वीकार किया कि स्कूल परिसर में सिगरेट पीने और इस तरह की प्रस्तुति से समाज में गलत संदेश जाता है।

इधर, घटना के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी मधुबनी ने जिले के सरकारी विद्यालयों में बाहरी कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर सख्त आदेश जारी किया है। ज्ञापांक 4951, दिनांक 08 सितंबर 2026 को जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि जिले के अधिकांश विद्यालयों के संबंध में ऐसी सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं कि विद्यालय के पोषक क्षेत्र के ग्रामीणों और मुहल्लावासियों द्वारा विशेष अवसरों पर विद्यालय परिसर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इससे विद्यालयों का शैक्षणिक वातावरण, छात्र-छात्राओं का शिक्षण कार्य और खेल-कूद से संबंधित गतिविधियां प्रभावित होती हैं।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जिले के सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक बिना किसी विभागीय निर्देश या आदेश के विद्यालय परिसर में किसी भी कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं देंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि इसमें किसी प्रकार की शिथिलता पाई जाती है तो संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक को सीधे तौर पर दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

इस आदेश की प्रतिलिपि जिले के सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी और जिलाधिकारी, मधुबनी को भेजी गई है।

स्कूल परिसर में आयोजित आर्केस्ट्रा का वीडियो वायरल होने और उसमें कथित तौर पर अश्लील गीत, सिगरेट तथा हथियार जैसी वस्तु के प्रदर्शन को लेकर अब आयोजन समिति की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस की जांच में हथियार असली नहीं बल्कि सिगरेट लाइटर पाया गया है। आयोजन समिति ने भविष्य में विद्यालय परिसर में इस तरह का कोई कार्यक्रम नहीं कराने की बात कही है।