-सीवान में रंगदारी कांड: ‘सम्राट को चुनौती’ दे रहा आरोपी जीवन यादव, हाईकोर्ट से जमानत नामंजूर, व्यवसायी परिवार में दहशत
सीवान। शहर में दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने के चर्चित मामले में नामजद आरोपी जीवन यादव की गिरफ्तारी अब तक नहीं होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच आरोपी को उच्च न्यायालय से भी राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका नामंजूर कर दी है। बावजूद इसके आरोपी खुलेआम घूम रहा है, जिससे पीड़ित व्यवसायी का परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार मैरवा थाना कांड संख्या 364/25 में नगर के प्रसिद्ध व्यवसायी अमन कुमार राज ने आरोप लगाया है कि जीवन यादव, विकास सिंह और योगेन्द्र चौधरी ने जमीन विवाद को लेकर उन्हें धमकाया और दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
इस मामले में 30 अगस्त 2025 को मैरवा थाना में बीएनएस की धारा 308(2), 308(3) एवं 308(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस जांच में घटना को सत्य पाया गया। इसके बाद आरोपियों ने जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दी, जिसे खारिज कर दिया गया। बाद में जीवन यादव ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहां से भी उसकी जमानत याचिका नामंजूर हो गई।

इसके बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। पीड़ित व्यवसायी का आरोप है कि आरोपी खुलेआम शहर में घूम रहे हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा ले रहे हैं।
व्यवसायी अमन राज ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और डीजीपी को पत्र लिखकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि गिरफ्तारी नहीं होने से परिवार भय के माहौल में जी रहा है।
बताया जा रहा है कि आरोपी जीवन यादव को एक रसूखदार नेता माना जाता है और उसकी तस्वीरें कई बड़े नेताओं के साथ देखी जाती हैं, जिससे पुलिस पर दबाव की चर्चा भी है।
इधर, इस मामले पर गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा है कि “कोई भी अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे हर हाल में गिरफ्तार किया जाएगा।”
अब देखना है कि पुलिस प्रशासन कब तक आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा पाता है।












