Advertisement

शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है हजरत मोहम्मद साहब की जयंती

-शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है हजरत मोहम्मद साहब की जयंती

राजापाकर-संजय श्रीवास्तव। इस्लाम धर्म के संस्थापक और अंतिम पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी या बारावफात के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर राजापाकर प्रखंड क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने श्रद्धा और उल्लास के साथ जुलूस निकाला। विभिन्न पंचायतों से निकला जुलूस राजापाकर भुवनेश्वर चौक स्थित मखदूम शाह बाबा की दरगाह पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने चादरपोशी कर अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोग पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन, उनके आदर्शों और मानवता के प्रति दिए गए संदेशों को याद करते हैं। विभिन्न स्थानों पर मिलाद, दुआ और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।


हजरत मोहम्मद साहब का जीवन इंसानियत, दया, न्याय, सत्य, समानता और भाईचारे की सीख देता है। उन्होंने लोगों को एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान रखने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने का संदेश दिया। उनके उपदेशों में समाज में शांति और आपसी सद्भाव कायम रखने पर विशेष जोर दिया गया।
जयंती के अवसर पर धार्मिक स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। लोगों ने देश और समाज में अमन-चैन, खुशहाली तथा आपसी भाईचारे के लिए दुआ की। वक्ताओं ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानवता और सद्भाव का संदेश भी देती हैं।
आज के समय में प्रेम, करुणा, संयम, समानता और भाईचारे की जरूरत को देखते हुए उनके शांति और सद्भाव के संदेश की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। ईद-ए-मिलाद-उन-नबी लोगों को इंसानियत की सेवा और समाज में आपसी प्रेम बनाए रखने की प्रेरणा देता है।