-झपहां-उदनडीह जमीन विवाद में विधायक अमित रानू पर पुलिस का शिकंजा, 8 मामलों में नामजद
मुजफ्फरपुर। अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां-उदनडीह में जमीन पर कब्जे और तोड़फोड़ के मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है। 20 अगस्त को 50 से अधिक लोगों द्वारा कथित उत्पात, तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले से जुड़े अब तक 25 कांड दर्ज किए गए हैं। इनमें आठ मामलों में बेलसंड के लोजपा (आर) विधायक अमित कुमार रानू को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस न्यायालय से वारंट लेने की प्रक्रिया में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को स्कॉर्पियो, थार, जेसीबी और बाइक से 50 से अधिक लोग झपहां-उदनडीह पहुंचे थे। आरोप है कि जेसीबी की मदद से कई जमीनों पर बनी चहारदीवारी और मकानों को क्षतिग्रस्त किया गया। विरोध करने पर जमीन मालिकों के साथ मारपीट और धमकी देने की भी बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, एक व्यक्ति को जेसीबी के नीचे फेंकने का प्रयास किए जाने का आरोप भी है। जमीन खाली करने के लिए दबाव बनाने और पैसे की मांग किए जाने की शिकायत भी सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने विशेष पुलिस टीम गठित की। पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर नामजद आरोपी सुमित कुमार श्रीवास्तव और अप्राथमिकी अभियुक्त सन्नी सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद 21 पीड़ितों की ओर से अलग-अलग आवेदन दिए गए, जिनके आधार पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस टीम ने विधायक अमित रानू के मुजफ्फरपुर स्थित बैरिया आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान तीन डीएसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने तलाशी में वर्ष 2017 का हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टांप पेपर, पार्टनरशिप एग्रीमेंट और बैंक स्टेटमेंट बरामद किए जाने का दावा किया है। तलाशी के दौरान पुलिस के साथ कथित बदसलूकी और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में अलग प्राथमिकी भी दर्ज की गई।
पुलिस को बाद में सूचना मिली कि मामले से जुड़े कुछ आरोपी विधायक के बेलसंड स्थित कार्यालय में छिपे हुए हैं। इसके बाद मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर नन्हे सिंह और छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उनके पास से एक पिस्टल, दो मैगजीन, नौ कारतूस और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।

एसएसपी के मुताबिक, छोटू यादव के खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें डकैती, लूट, रंगदारी, हत्या के प्रयास, चोरी की संपत्ति रखने और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने विधायक के एक रिश्तेदार के घर पर भी छापेमारी की। वहां नामजद आरोपी सोनू सिंह उर्फ अभिनव के छिपे होने की सूचना थी। इस दौरान सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस को धमकी देने के आरोप में एक अलग मामला दर्ज किया गया।
एसएसपी ने बताया कि विधायक अमित कुमार रानू के खिलाफ वर्ष 2012 में रून्नीसैदपुर थाने में रंगदारी, जबरन वसूली, चोरी की संपत्ति रखने और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित मामला दर्ज हुआ था। हालांकि, मौजूदा जमीन विवाद में विधायक की गिरफ्तारी अभी न्यायालय से वारंट जारी होने पर निर्भर है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जमीन विवाद से जुड़े कथित भू-माफिया नेटवर्क और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस के अनुसार, अब तक चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। वारंट मिलने के बाद विधायक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।












