Advertisement

वैशाली में दुग्ध उत्पादकों को 15.50 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित, 9 आश्रितों को ₹1 लाख और 26 पशुपालकों को मिला अनुदान

-वैशाली में दुग्ध उत्पादकों को 15.50 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित, 9 आश्रितों को ₹1 लाख और 26 पशुपालकों को मिला अनुदान

राजापाकर। वैशाली पाटलिपुत्र दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, पटना की ओर से राजापाकर दक्षिणी स्थित महिला दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति परिसर में जनकल्याण एवं पशु कल्याण सहायता राशि वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों की पंचायतों से जुड़े महिला एवं पुरुष दुग्ध उत्पादक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पटना डेयरी के प्रबंध निदेशक रूपेश राज एवं संघ के अध्यक्ष संजय कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभुकों के बीच सहायता राशि के चेक वितरित किए गए।
अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि समिति से जुड़े ऐसे सदस्य, जो कम से कम छह माह (180 दिन) से नियमित रूप से दूध उपलब्ध करा रहे हैं, उन्हें विशेष जनकल्याण एवं पशु कल्याण योजना का लाभ दिया जाता है। योजना के तहत सदस्य पशुपालक की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को ₹1 लाख तथा समिति से जुड़े पशुपालक के पशु की मृत्यु होने पर ₹25 हजार की सहायता राशि प्रदान की जाती है।


उन्होंने बताया कि इस शिविर में वैशाली जिले के सभी प्रखंडों के लाभुकों के बीच कुल ₹15.50 लाख की सहायता राशि वितरित की गई। इसमें 9 दिवंगत पशुपालकों के आश्रितों को ₹1-1 लाख के चेक प्रदान किए गए, जबकि पशुओं की मृत्यु होने वाले 26 महिला एवं पुरुष पशुपालकों को ₹25-25 हजार की आर्थिक सहायता दी गई।
समारोह के दौरान राजापाकर दक्षिणी पंचायत के कृषि सलाहकार देवेंद्र प्रसाद सिंह को उनकी दिवंगत पत्नी स्वर्गीय सावित्री देवी के निधन पर ₹1 लाख का सहायता चेक प्रदान किया गया। स्वर्गीय सावित्री देवी महिला दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति की सक्रिय सदस्य थीं।
कार्यक्रम में डॉ. अजय कुमार राय, अवधेश चौधरी, अमिताभ नंदन, प्रखंड विकास पदाधिकारी सूर्य प्रताप सिंह, हरि नारायण राय, अध्यक्ष अनीता देवी, सचिव सुजाता देवी, सीताराम सिंह, देवेंद्र सिंह, बिंदेश्वर राय, तपसी प्रसाद सिंह, मुख्तार सिंह, शिवनाथ सिंह, फकीरा सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पशुपालक एवं किसान उपस्थित रहे। समारोह में वक्ताओं ने दुग्ध उत्पादकों से सहकारी समितियों से जुड़कर नियमित रूप से दूध आपूर्ति करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।