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विभिन्न प्रखंडों में मनाया गया मासिक धर्म स्वच्छता दिवस

-विभिन्न प्रखंडों में मनाया गया मासिक धर्म स्वच्छता दिवस

-माहवारी के दिनों में दिन में तीन बार सेनेटरी पैड बदलें

-मासिक धर्म -स्वच्छता दिवस का थीम, पीरियड फ्रेंडली वर्ल्ड

गया।धीरज।

मासिक धर्म स्वच्छता प्रजनन स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण कड़ी है. 28 मई को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है. इस वर्ष मासिक धर्म स्वच्छता दिवस का थीम पीरियड फ्रेंडली वर्ल्ड है। मासिक धर्म स्वच्छता दिवस का उद्देश्य किशोरियों और महिलाओं में मासिक धर्म के दिनों में साफ—सफाई, सेनिटरी पैड का इस्तेमाल तथा इसका निष्पादन आदि को लेकर जागरूक करना है। मासिक धर्म स्वच्छता दिवस को लेकर मंगलवार को जिला के विभिन्न प्रखंडों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। 31 मई तक आयोजित होंगे कार्यक्रम: जिला सामुदायिक उत्प्रेरक मनीष कुमार ने बताया कि किशोरियों और महिलाओं में माहवारी के दौरान स्वच्छता का ख्याल रखने के प्रति जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। इसके लिए तीन प्रखंडों का चयन किया गया है जिसमें बेलागंज, टनकुप्पा और मानपुर शामिल हैं। इस कार्यक्रम के आयोजन प्रखंडों के बालिका विद्यालय एवं महाविद्याल परिसर में आयेाजित कर स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा, आइसीडीएस तथा जीविका की स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को शामिल किया जाना है।इस दौरान ​शै​क्षणिक कार्यशाला और सेमिनार का आयोजन किया जायेगा। रैली, क्वीज प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, वाद—विवाद प्रतियोगिता तथा पुरस्कार वितरण आदि होगा. राज्य स्वास्थ्य समिति से मिले निर्देश के मुताबिक जिला के तीन प्रखंडों में माहवारी स्वच्छता दिवस का आयोजन 31 मई तक किया जाना है।मासिक धर्म को लेकर सही जानकारी रखें: स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्था इनजेंडर के विजय भास्कर ने बताया कि अनुग्रह कन्या उच्च विद्यालय में 110 ल़डकियों को माहवारी स्वच्छता के विषय में जागरूक किया गया. साथ ही क्वीज करा कर ​पुरस्कार वितरित किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता से संबंधित जानकारी देते हुए बताया गया कि व्यक्तिगत स्वच्छता से आराम और आत्मविश्वास महसूस होता है. माहवारी के दिनों में कम से कम ​दिन में तीन बार सेनेटरी पैड बदलें या कपड़े के नैपकिन का उपयोग करें. कपड़े के नैपकिन को साबुन और पानी से धोयें और धूप में सुखायें. नियमित स्नान करें. नियमित व्यायाम करने से पीड़ा का सामना करने में आसानी होती है. कब्ज से बचने के​ लिए नियमित रूप से ज्यादा पानी पियें. नियमित रूप से स्वास्थ्यवर्धक और पोषक आहार का सेवन करें. किशोरियों को बताया गया कि मासिक आना एक सामान्य प्रक्रिया है जो लड़की के सही शारीरिक विकास का चिन्ह है. यह कोई बीमारी नहीं है।मासिक धर्म को लेकर शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है. मासिक धर्म के दौरान सेनिट्री नैपकिन या कपड़ा बदलने के बाद हाथ साबुन से जरूर धोने चाहिए.