-लंदन का एनआरआई बनकर महिला से 13.30 लाख की ठगी, मुजफ्फरपुर और पटना से दो साइबर अपराधी गिरफ्तार
समस्तीपुर। साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए समस्तीपुर साइबर थाना पुलिस ने मुजफ्फरपुर और पटना में छापेमारी कर 13.30 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुजफ्फरपुर के पारू थाना क्षेत्र के गोसाई टोल निवासी मोहम्मद शमशाद और पटना निवासी प्रिंस कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, शमशाद सोशल मीडिया पर खुद को लंदन का एनआरआई बताकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था।
पुलिस के मुताबिक, मामला समस्तीपुर जिले के ताजपुर की रहने वाली एक महिला से जुड़ा है। आरोप है कि मोहम्मद शमशाद ने फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से महिला से संपर्क किया और खुद को लंदन में रहने वाला संपन्न एनआरआई बताया। बातचीत के दौरान उसने महिला को विदेश बुलाने का झांसा दिया और पासपोर्ट बनवाने के बहाने उसे दिल्ली बुलाया।

जांच में सामने आया कि अप्रैल महीने में जब महिला दिल्ली पहुंची, तब आरोपी ने कथित तौर पर दिल्ली एयरपोर्ट पर अपने अपहरण का झूठा नाटक रचा। उसने महिला से कहा कि उसे छुड़ाने के लिए तत्काल पैसों की आवश्यकता है। आरोपी की बातों में आकर महिला ने उसके बताए बैंक खातों में कुल 13 लाख 30 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे मिलने के बाद आरोपी ने महिला का संपर्क बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने समस्तीपुर साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की राशि सबसे पहले पटना निवासी प्रिंस कुमार के बैंक खाते में भेजी गई थी। पुलिस के अनुसार, प्रिंस साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराता था और इसके बदले कमीशन लेता था। जांच में यह भी सामने आया कि उसके खिलाफ पहले से साइबर अपराध के छह मामले दर्ज हैं तथा उसका बैंक खाता पहले भी ब्लॉक किया जा चुका है।
साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक ने बताया कि तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर समस्तीपुर साइबर थाना की टीम ने मुजफ्फरपुर और पटना में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस अब इस साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है।












