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रेलवे ट्रैक की हो रही थी हाईटेक जासूसी? हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड के पास मिले संदिग्ध IP कैमरे से मचा हड़कंप

-रेलवे ट्रैक की हो रही थी हाईटेक जासूसी? हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड के पास मिले संदिग्ध IP कैमरे से मचा हड़कंप

मुजफ्फरपुर। बिहार के वैशाली जिले से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने रेलवे सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया तंत्र की चिंता बढ़ा दी है। सराय रेलवे स्टेशन के पास हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड स्थित रेलवे सिग्नल टावर पर चार संदिग्ध हाईटेक IP कैमरे मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में इस मामले के तार संदिग्ध जासूसी गतिविधियों और संभावित पाकिस्तान कनेक्शन से जुड़ने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक बरामद कैमरे साधारण निगरानी उपकरण नहीं, बल्कि अत्याधुनिक जासूसी डिवाइस बताए जा रहे हैं। ये सीक्रेट IP कैमरे 4G सिम के जरिए इंटरनेट से जुड़े हुए थे और इन्हें दूर बैठा कोई ऑपरेटर कंट्रोल कर रहा था। कैमरों का फोकस रेलवे ट्रैक और गुजरने वाली ट्रेनों की गतिविधियों पर था। जैसे ही सुरक्षा एजेंसियों को इस संदिग्ध गैजेट की जानकारी मिली, मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तुरंत कैमरों को जब्त कर लिया गया।

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले एक संदिग्ध युवक खुद को किसी एनजीओ का सदस्य बताकर इलाके में घूमता दिखाई दिया था। आशंका जताई जा रही है कि उसी व्यक्ति ने सामाजिक कार्यकर्ता की आड़ लेकर बेहद सुनियोजित तरीके से कैमरों को सिग्नल टावर पर लगाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार एटीएस और एसटीएफ ने जांच की कमान संभाल ली है। कैमरों से भेजे गए डेटा, इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड और आईपी एड्रेस की गहन जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार जांच के कुछ तार कर्नाटक तक जुड़ते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद वहां भी संदिग्ध नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि कहीं यह किसी बड़े आतंकी प्लान की रेकी का हिस्सा तो नहीं था। हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड को रणनीतिक और यात्री परिवहन के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। फिलहाल सराय स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है और पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी आधिकारिक तौर पर किसी आतंकी संगठन की पुष्टि नहीं की है, लेकिन घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।