Advertisement

मुजफ्फरपुर में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी पूरी, 16 केंद्रों पर 9396 परीक्षार्थी होंगे शामिल

-मुजफ्फरपुर में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी पूरी, 16 केंद्रों पर 9396 परीक्षार्थी होंगे शामिल
—————————–
मुजफ्फरपुर,
11 अप्रैल 2026

बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा का आयोजन तीन चरणों में निर्धारित तिथियों पर किया जाएगा। प्रथम चरण की परीक्षा 14 एवं 15 अप्रैल को, द्वितीय चरण 17 एवं 18 अप्रैल को तथा तृतीय चरण 20 एवं 21 अप्रैल को संपन्न होगी। प्रत्येक दिन परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
प्रथम पाली की परीक्षा पूर्वाह्न 10:00 बजे से 12:00 बजे मध्याह्न तक तथा द्वितीय पाली की परीक्षा अपराह्न 2:30 बजे से 4:30 बजे अपराह्न तक निर्धारित है। प्रत्येक पाली के लिए परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के एक घंटे पूर्व तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके पश्चात किसी भी परिस्थिति में अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
इस प्रतियोगिता परीक्षा के लिए मुजफ्फरपुर जिले में कुल 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 9396 परीक्षार्थी भाग लेंगे। परीक्षा को स्वच्छ, निष्पक्ष एवं कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
परीक्षा के सफल संचालन को लेकर समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कांतेश कुमार मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों की ब्रीफिंग की गई। इस दौरान अधिकारियों को बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता एवं शुचिता बनाये रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं सजगता के साथ करेंगे। वरीय पुलिस अधीक्षक ने भी कानून-व्यवस्था संधारण एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा सभी पुलिस पदाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया।


परीक्षा को कदाचार मुक्त बनाये रखने के लिए प्रत्येक केंद्र पर परीक्षार्थियों की सघन फ्रिस्किंग की जाएगी। साथ ही, बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है, जिससे अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाये गये हैं, ताकि किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक संचार को रोका जा सके और नकल की संभावनाओं को समाप्त किया जा सके। परीक्षा केंद्रों पर प्रतिबंधित वस्तुओं को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। परीक्षा परिसर में मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस, वाई-फाई गैजेट, इलेक्ट्रॉनिक पेन, पेजर, रिस्ट वॉच सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित है। इसके अतिरिक्त, व्हाइटनर, इरेज़र एवं ब्लेड जैसी सामग्री भी परीक्षा कक्ष में प्रतिबंधित की गई है।
यदि कोई अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष में प्रतिबंधित सामग्री के साथ पाया जाता है, तो इसे कदाचार की श्रेणी में रखा जाएगा और उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अभ्यर्थियों को न केवल वर्तमान परीक्षा से वंचित किया जाएगा, बल्कि आगामी पांच वर्षों तक बिहार लोक सेवा आयोग की किसी भी परीक्षा में सम्मिलित होने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
इसके अलावा, परीक्षा से संबंधित भ्रामक, असत्य या सनसनीखेज अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को तीन वर्षों तक आयोग की परीक्षाओं से वंचित किया जा सकता है।
परीक्षा के समन्वय एवं संचालन के लिए अपर समाहर्ता (राजस्व) श्री प्रशांत कुमार को सहायक परीक्षा संयोजक के रूप में नामित किया गया है। वे परीक्षा की समस्त व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए सुचारू संचालन सुनिश्चित करेंगे। उनके साथ पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध (कमजोर वर्ग) श्री अनंत राम को पुलिस पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है, जो सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखेंगे।
इसके अतिरिक्त, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी को अपने-अपने क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों का नियमित भ्रमण करने तथा विधि-व्यवस्था बनाये रखने का निर्देश दिया गया है। उन्हें यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि परीक्षा पूर्णतः कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न हो।
जिलाधिकारी ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें तथा आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया जा सके।