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मुजफ्फरपुर में विकास योजनाओं की समीक्षा: खेल मैदान निर्माण में सुस्ती पर कार्रवाई के निर्देश

-मुजफ्फरपुर में विकास योजनाओं की समीक्षा: खेल मैदान निर्माण में सुस्ती पर कार्रवाई के निर्देश

-किसान निबंधन और उर्वरक उपलब्धता पर जोर

मुजफ्फरपुर, 16 जून 2026। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने विभिन्न विकास योजनाओं, मनरेगा, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व, पेयजल एवं सहयोग शिविरों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में योजनाओं की प्रगति, लंबित मामलों और जनहित से जुड़े कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मनरेगा के तहत पंचायतों में खेल मैदान निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले की 373 पंचायतों में खेल मैदान बनाए जाने हैं, जिनमें से 239 पंचायतों में कार्य पूरा हो चुका है। शेष पंचायतों में निर्माण कार्य जारी है। जिलाधिकारी ने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए मुसहरी, मीनापुर, पारू, मोतीपुर और कांटी प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के खेल एवं शारीरिक विकास के लिए यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है।
आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण की समीक्षा में पाया गया कि स्वीकृत 112 केंद्रों में से 86 का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। शेष 26 केंद्रों का निर्माण जल्द प्रारंभ कर समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने किसान निबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले राजस्व कर्मचारियों, किसान सलाहकारों और कृषि समन्वयकों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया। जिले में अब तक 2 लाख 91 हजार 555 किसानों का निबंधन किया जा चुका है, जिनमें 1 लाख 44 हजार 17 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हैं। एक दिन में 20 हजार से अधिक किसानों के निबंधन को प्रशासन ने बड़ी उपलब्धि बताया।
खरीफ 2026 को देखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने और किसानों को पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग एवं नगर निकायों की समीक्षा के दौरान हर घर नल का जल योजना और सार्वजनिक चापाकलों को सुचारु रखने पर जोर दिया गया। गर्मी के मौसम को देखते हुए सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा में सामने आया कि जिले के 444 सरकारी नलकूपों में केवल 228 चालू हैं। जिलाधिकारी ने सभी नलकूपों की जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।


16 जून को आयोजित होने वाले सहयोग शिविरों की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 16 प्रखंडों की 23 पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। अब तक प्राप्त 918 आवेदनों में 418 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं जिले में आयोजित सहयोग शिविरों में कुल 14,623 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 12,696 मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 5 लाख 61 हजार 235 लाभुकों में से 4 लाख 25 हजार 229 का जीवन प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है। शेष लाभुकों का बायोमेट्रिक सत्यापन शीघ्र कराने का निर्देश दिया गया।
राजस्व विभाग की समीक्षा में ऑनलाइन म्यूटेशन के 98 प्रतिशत और परिमार्जन प्लस के 91 प्रतिशत मामलों के निष्पादन की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जनगणना के प्रथम चरण के मकान सूचीकरण कार्य के पूरा होने के बाद जनगणना सेल में प्रतिनियुक्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर उन्हें अपने विद्यालयों में योगदान देने का आदेश जारी किया गया है।
बैठक में बिहार राज्य फसल सहायता योजना रबी 2024-25 की भी समीक्षा की गई। औराई, कटरा, गायघाट, कांटी, मोतीपुर और सकरा प्रखंडों में लंबित किसानों के सत्यापन मामलों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और तीन दिनों के भीतर सभी लंबित आवेदनों का सत्यापन कर मुख्यालय पटना भेजने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करें और जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।