-मुजफ्फरपुर के बाजारों में ‘नकली ताजगी’ का दावा,
-केमिकल से सब्जियां चमकाने की चर्चा से मचा हड़कंप
मुजफ्फरपुर। शहर के बाजारों में चमकदार और बेहद ताजी नजर आने वाली सब्जियों को लेकर उपभोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ गई है। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही तस्वीरों और दावों में खराब या बासी सब्जियों को कथित तौर पर रसायनयुक्त घोल के जरिए दोबारा ताजा और चमकदार बनाकर बेचने की बात कही जा रही है। हालांकि, मुजफ्फरपुर के बाजारों में किस रसायन का इस्तेमाल हो रहा है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी प्रयोगशाला जांच के बिना नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि कुछ मुनाफाखोर खराब हो चुकी सब्जियों को कथित रूप से किसी रसायनयुक्त घोल में डालकर उनका रंग और चमक वापस लाने का प्रयास करते हैं। इसके बाद ऐसी सब्जियों को बाजार में ताजा बताकर बेचे जाने का आरोप है। यदि इस तरह की मिलावट की पुष्टि होती है तो यह खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला होगा।
कुछ चर्चाओं में मैलाकाइट ग्रीन और कॉपर सल्फेट जैसे रसायनों के इस्तेमाल की बात कही जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी रसायन की मौजूदगी और उसकी मात्रा की पुष्टि केवल वैज्ञानिक एवं प्रयोगशाला जांच से ही की जा सकती है। इसलिए बिना जांच के किसी विशेष रसायन के इस्तेमाल या उससे होने वाले नुकसान को लेकर निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा।

इंटरनेट मीडिया पर मामला सामने आने के बाद उपभोक्ताओं ने खाद्य सुरक्षा विभाग से बाजारों में औचक जांच और संदिग्ध सब्जियों के नमूने लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बाजारों से सब्जियों के सैंपल लेकर अधिकृत प्रयोगशाला में जांच कराई जाए और यदि मिलावट या प्रतिबंधित रसायन का इस्तेमाल पाया जाता है तो संबंधित दुकानदारों एवं आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उपभोक्ताओं को भी सब्जियां खरीदते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। जरूरत से ज्यादा अस्वाभाविक चमक, असामान्य रूप से गहरा रंग या लंबे समय तक ताजगी जैसी स्थिति दिखने पर सतर्क रहना चाहिए। हालांकि, केवल रंग या चमक के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि सब्जी में रसायन मिला हुआ है।
सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और साफ पानी में पर्याप्त समय तक भिगोकर इस्तेमाल करना सामान्य तौर पर बेहतर सावधानी है। वहीं, किसी सब्जी में रसायन या मिलावट का संदेह होने पर उसका नमूना संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को जांच के लिए उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले में आधिकारिक जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मुजफ्फरपुर के बाजारों में वास्तव में किसी रसायन के जरिए सब्जियों को कृत्रिम रूप से ताजा दिखाकर बेचने का मामला है या नहीं।











