-मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविरों का लिया जायजा, पीड़ितों को खुद परोसा भोजन
पटना, 7 सितंबर(दीपक कुमार तिवारी)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को वैशाली और सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने हाजीपुर और सोनपुर में संचालित बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण कर वहां रह रहे लोगों से सीधे बातचीत की और भोजन, स्वास्थ्य, आवास समेत उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में लोगों को स्वयं भोजन परोसा और बाढ़ पीड़ितों के साथ बैठकर भोजन भी किया।
वैशाली जिले में गंगा ब्रिज थाना के सामने संचालित राहत शिविर में मुख्यमंत्री ने कम्युनिटी किचन, भोजन वितरण काउंटर तथा निबंधन सह नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता देखी और शिविर में रह रहे लोगों से पूछा कि उन्हें भोजन अथवा अन्य सुविधाओं में किसी तरह की परेशानी तो नहीं है। लोगों ने बताया कि शिविर में पर्याप्त भोजन और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र और शैक्षणिक शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और खान-पान के बारे में जानकारी ली। महिलाओं और पुरुषों के लिए की गई अलग-अलग रहने की व्यवस्था का भी जायजा लिया।
स्वास्थ्य शिविर के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से जांच और इलाज की सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ पीड़ितों को बीमार होने की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पशु चिकित्सा शिविर में पर्याप्त दवा और पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध रखने का भी निर्देश दिया गया।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मौत के मामलों में मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुई फसल क्षति का आकलन कराया जाएगा और प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा दिया जाएगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने सारण जिले के सोनपुर शहर स्थित स्काउट एंड गाइड सेंटर में संचालित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने कम्युनिटी किचन की व्यवस्था देखी और बाढ़ पीड़ितों से बातचीत कर भोजन एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के साथ भोजन कर भोजन की गुणवत्ता का भी जायजा लिया। शिविर में रह रहे लोगों ने भोजन, रहने और अन्य व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में करीब 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। फरक्का बराज से अभी करीब 15 लाख क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और सुधार होने की संभावना है। अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में आपदा की स्थिति है और सरकार पूरी तरह बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, इलाज, पढ़ाई और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। स्थिति सामान्य होने के बाद एक-एक घर का सर्वे कर नुकसान का आकलन कराया जाएगा और प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि गंगा में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी सरकार प्रयास कर रही है। गंगा के स्ट्रेच को एक सीमा में बांधने के संबंध में केंद्रीय जल आयोग से बातचीत की गई है, ताकि हर वर्ष बाढ़ से होने वाली परेशानी का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, विधायक जनक सिंह, विधायक संजय सिंह, विधायक सिद्धार्थ पटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार समेत वैशाली और सारण के जिलाधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे।












