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भारत में रंगोली: सौंदर्य, आशा और परंपरा का प्रतीक – अमरेश कुमार

भारत में रंगोली: सौंदर्य, आशा और परंपरा का प्रतीक – अमरेश कुमार

संवाददाता। भागलपुर।

भागलपुर के पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर नरगाकोठी के प्रांगण में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा तृतीय से पंचम तक के लगभग 200 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दीपावली के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने लक्ष्मी-गणेश और अन्य शुभ प्रतीकों की रंगोलियाँ बनाकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अमरेश कुमार ने बताया कि रंगोली प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा, “भारत में रंगोली सौंदर्य, आशा और परंपरा का प्रतीक है।”

विद्यालय की प्रधानाचार्य ममता जायसवाल ने प्रतियोगिता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से बच्चों के अंदर कलात्मक कौशल और सहयोग की भावना को बल मिलता है। रंगोली को शुभ मानते हुए उन्होंने बच्चों को दीपावली पर घर सजाने की प्रेरणा भी दी।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आरोही प्रिया, सोनम, वर्षा, संजना, पद्मिनी और आकांक्षा ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान राजवीर कुमार, अभी यादव, सुधांशु, प्रियांशु और अक्षत ने हासिल किया, जबकि तृतीय स्थान आदित्य राज, आर्यन राज, अनिकेत, हिमांशु और वैभव को मिला।

इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ सदस्य मनोज तिवारी, शशि भूषण मिश्र, अभिजीत आचार्य, अमर ज्योति, सुबोध झा, आभाष कुमार और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।