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बिहार में होगा दो दिवसीय हिन्दी साहित्य समागम, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तैयारियों के दिए निर्देश

-बिहार में होगा दो दिवसीय हिन्दी साहित्य समागम, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तैयारियों के दिए निर्देश

पटना(दीपक तिवारी)। हिन्दी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने बिहार में दो दिवसीय हिन्दी साहित्य समागम आयोजित करने का निर्देश दिया है। इसमें देशभर के प्रमुख हिन्दी साहित्यकारों, रचनाकारों, कवियों और विद्वानों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आयोजन की तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री सोमवार को नेहरू पथ स्थित बिहार राज्य अभिलेख भवन के सभागार में मंत्रिमंडल सचिवालय (राजभाषा) विभाग द्वारा आयोजित हिन्दी दिवस समारोह-सह-कवि सम्मेलन का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने हिन्दी दिवस पर राज्यवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति, सभ्यता और समृद्ध साहित्यिक परंपरा की अभिव्यक्ति है। दुनिया में सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली भाषाओं में हिन्दी का महत्वपूर्ण स्थान है और यह दुनिया में तीसरी सबसे अधिक प्रयोग की जाने वाली भाषा है। उन्होंने कहा कि हिन्दी साहित्य को समृद्ध बनाने में बिहार की धरती के विद्यापति, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ और जनकवि नागार्जुन जैसे महान साहित्यकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि हिन्दी को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने में देश के अनेक महान नेताओं की भूमिका रही है। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से हिन्दी में संबोधन कर इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरव प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिन्दी में भारत का पक्ष रखने की सराहना की। उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन में हिन्दी में भारत का संदेश रखने के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी दिवस को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखना चाहिए। हिन्दी का दैनिक जीवन, व्यवहार और कार्यक्षेत्र में अधिक से अधिक प्रयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाषा तभी मजबूत होती है, जब समाज के हर वर्ग द्वारा उसका सहज रूप से प्रयोग किया जाता है। आधुनिक तकनीक का उपयोग कर हिन्दी के प्रचार-प्रसार को और व्यापक बनाया जा सकता है।

बाढ़ के स्थायी समाधान पर भी जोर:

मुख्यमंत्री ने बिहार में बाढ़ की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ की स्थिति और इससे हुई क्षति के आकलन के लिए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्रीय टीम बिहार आएगी।
मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहार की नदियां राज्य के जीवन और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए नदियों को जोड़ने के साथ-साथ उनका संरक्षण भी जरूरी है। नदी तंत्र के संरक्षण, जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि बाढ़ से होने वाली जन-धन की क्षति को कम करने के साथ समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरविंद कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा, अंगवस्त्र तथा मैला आंचल और दिनकर की डायरी पुस्तकें भेंटकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने राजभाषा पत्रिका का लोकार्पण भी किया।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव और अपर मुख्य सचिव श्री अरविंद कुमार चौधरी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधान पार्षद डॉ. प्रेम कुमार मणि, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, राजभाषा निदेशालय के निदेशक श्री एस.एम. परवेज आलम सहित वरीय अधिकारी, विद्वान, कवि, साहित्यकार, गणमान्य व्यक्ति एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।