-प्रज्ञा प्रवाह की स्मारिका ‘प्रबुद्ध भारतम्’ का लोकार्पण
मोतिहारी/मुजफ्फरपुर। राजन द्विवेदी। प्रज्ञा प्रवाह, उत्तर बिहार की स्मारिका ‘प्रबुद्ध भारतम्’ का लोकार्पण बिहार विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में किया गया। भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित इस स्मारिका में सरसंघचालक मोहन भागवत, प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक जे. नंद कुमार, राज्यपाल, शिक्षा मंत्री और महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (एमजीसीयू) के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य व्यक्तियों के संदेश शामिल हैं।
स्मारिका के प्रधान संपादक प्रो. प्रसून दत्त सिंह ने कहा कि ‘प्रबुद्ध भारतम्’ केवल एक प्रकाशन नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान-दृष्टि को समकालीन विमर्श से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी को देश की समृद्ध ज्ञान एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना आवश्यक है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय विचार मंच के महामंत्री ईशान जोशी ने कहा कि स्मारिका भारत के खिलाफ बनाए जा रहे नकारात्मक नैरेटिव का वैचारिक जवाब देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। केंद्रीय मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने कहा कि यह स्मारिका उत्तर बिहार की ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने में सहायक होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने ‘प्रबुद्ध भारतम्’ को युवाओं के लिए प्रकाशपुंज बताया। वहीं, प्रज्ञा प्रवाह के प्रांत संयोजक विजय साही ने बताया कि स्मारिका के कवर पेज पर उत्तर बिहार की सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसका डिजाइन एमजीसीयू के शोधार्थी मनीष और सुखेन ने तैयार किया है।
लोकार्पण समारोह में 200 से अधिक प्रबुद्धजन, शिक्षाविद, शोधार्थी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।












