-नेपाल को हिन्दू राष्ट्र घोषित करें: जगद्गुरु राम भद्राचार्य की अपील
जनकपुरधाम से रिपोर्ट | मिश्री लाल मधुकर
रविवार को जनकपुरधाम स्थित जानकी मंदिर में उस समय विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिला, जब तुलसी पीठाधीश्वर चित्रकूट के जगद्गुरु राम भद्राचार्य पहुंचे। मंदिर प्रांगण में उत्तराधिकारी महंत राम रोशन दास वैष्णव के नेतृत्व में साधु-संतों और आम श्रद्धालुओं ने मिथिला परंपरा के अनुसार उनका भव्य स्वागत किया।
जगद्गुरु ने मंदिर के गर्भगृह में माता जानकी की विधिवत पूजा-अर्चना की और बाद में महंत के कक्ष में विश्राम किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने नेपाल के युवा प्रधानमंत्री बालेन्द्र साह से अपील करते हुए कहा कि नेपाल को पुनः हिन्दू राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की बहुसंख्यक हिन्दू आबादी की भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है।

उन्होंने नेपाल की आत्मनिर्भरता की कामना करते हुए कहा कि भारत और नेपाल के बीच त्रेता युग से “रोटी-बेटी” का संबंध रहा है, जो दोनों देशों की सांस्कृतिक, भौगोलिक और सामाजिक समानताओं को दर्शाता है।
जगद्गुरु के सम्मान में जानकी मंदिर द्वारा मिथिला व्यंजनों का विशेष भोजन आयोजित किया गया, जहां पारंपरिक लोकरीति के तहत महिलाओं ने गीत-गवई (गाली गीत) भी प्रस्तुत किए।
बताया गया कि राम भद्राचार्य सीतामढ़ी के पुरौनाधाम में जानकी नवमी के अवसर पर रामकथा करने पहुंचे हैं। इसी क्रम में महंत के आग्रह पर वे जनकपुरधाम के जानकी मंदिर भी दर्शन के लिए आए।












