-दूसरी शादी से पहले हीं खुला पहली शादी का सारा पोल,गुजरात से बच्चा सहित अपना ‘हक’ मांगने गांव पहुंची महिला
दीपक कुमार तिवारी। मुजफ्फरपुर।
जिले के हत्था ओपी के सकरी मन गांव में बेमेल शादी का हाई वोल्टेज ड्रामा सामने आया है। गुजरात की एक महिला(40)अपने 5 वर्षीय बच्चे के साथ बुधवार को सकरी मन गांव पहुंची। ब्रह्म स्थान के पास लक्ष्मण मिश्रा के घर पहुंचकर उसके छोटे बेटे ओमप्रकाश(30) को अपना पति बताने तथा अपना हक समाज के लोगों से दिलाने की मांग करने लगी। इस दौरान मामले की पूर्व सूचना मिलने के कारण ओमप्रकाश एवं उसके परिवार के लोग घर में ताला बंद कर घर से फरार थे। इससे पहले महिला स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी देकर यहां पहुंची थी। यहां पहुंची महिला का बताना था कि लक्ष्मण मिश्रा उसके ससुर हैं तथा उनका पुत्र ओमप्रकाश उसका पति है। उसने 6 साल पहले उसके साथ शादी किया था।शादी से जुड़े हुए उसके पास सारे प्रमाण हैं। 5 साल का उनका बच्चा भी है जिसको साथ लेकर महिला यहां पहुंची है। बच्चा भी अपना नाम-पता में सकरी गांव एवं सम्बंधित स्वजनों के साथ तमाम सम्बन्धों का जिक्र करता है।

महिला का दावा है कि उसने अपने पति के घर बनवाने, गाड़ी खरीदने से लेकर विभिन्न खास एवं आम मौके पर तन-मन-धन से पूर्ण सहयोग करती रही है। इस दौरान यह युवक(पति) गुजरात में हीं रहता था। पिछले दिनों छल से मंदिर में पूजा करने के बहाने से घर से निकला और भागकर बिहार चला आया। तबसे वापस लौटा ही नहीं और यही गांव में ही रहने लगा। इस बीच शादी की बात गांव वालों एवं परिजनों को पता नहीं थी।लिहाजा इस बीच उसकी शादी तय कर दी गयी। अगले महीने में युवक की शादी होनी थी। इस बात की भनक गुजरात की इस महिला को लग गई। मोबाइल से बातचीत के बाद वह सीधा उसके बच्चे को साथ लेकर बुधवार को गांव पहुंच गयी। इस दौरान उसके (युवक)के घर में ताला बंद देखकर सामने स्थित गायत्री स्थान मंदिर के बरामदे पर दिन भर भूखे-प्यासे बैठी रही।उसने बताया कि वह 4 दिनों से भूखी है।जबसे पति के दूसरी शादी करने तथा छल से यहां गांव भाग आने की बात सुनी है।तबसे उसका नींद हराम है। इस दौरान वहां ग्रामीणों की भीड़ आती जाती रही।

हर आने जाने वाले लोगों से वह न्याय की गुहार लगाती रही।इस दौरान महिला ने मीडिया कर्मियों एवं अन्य लोगों को तस्वीर लेने से लगातार मना करती रही, लेकिन खुद को बहु बताकर पड़ोसियों एवं गांव वाले से बार-बार उसका हक एवं न्याय दिलाने का अनुरोध करती रही। इस दौरान युवक के नाते रिश्तेदारों से भी संपर्क साधती रही। देर शाम गांव के हीं पड़ोसी के द्वारा उक्त महिला को तत्काल संरक्षण दिया गया। महिला ने बताया कि वह अपना हक लेकर रहेगी। पति के घर में जब तक पत्नी एवं बहु का अधिकार एवं जगह नहीं मिलेगा तथा उसके ससुराल के लोग जब तक उसे स्वीकार(अपना) नहीं कर लेंगे। तब तक वह यहीं गांव में संघर्ष करती रहेगी। बहरहाल यह घटनाक्रम पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना रहा, हालांकि इस संदर्भ में हत्था ओपी के अध्यक्ष संतोष कुमार ने बुधवार की शाम इस तरह के किसी मामले की जानकारी से इनकार किया है।












