-दुर्गा पूजा को लेकर डीएम-एसएसपी ने की विधि-व्यवस्था की समीक्षा, पंडालों पर ड्रोन और सीसीटीवी से रहेगी नजर
मुजफ्फरपुर। दुर्गा पूजा 2026 के दौरान जिले में विधि-व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और सुगम यातायात को लेकर जिलाधिकारी कुमार गौरव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने बुधवार को समाहरणालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। डीएम और एसएसपी ने अधिकारियों को सजग एवं सतर्क रहने तथा किसी भी स्तर पर विधि-व्यवस्था से समझौता नहीं करने का निर्देश दिया।
डीएम ने कहा कि पूजा के दौरान उत्कृष्ट भीड़ प्रबंधन, सुगम यातायात और मजबूत विधि-व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी आसूचना तंत्र को सक्रिय रखें और संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतें। एसडीओ और एसडीपीओ अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लें। पूजा समितियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने और समय पर शांति समिति की बैठक आयोजित करने का निर्देश भी दिया गया।
एसएसपी ने निर्देश दिया कि सभी थानाध्यक्ष अपने क्षेत्र के पूजा पंडालों का नियमित भ्रमण करेंगे। क्यूआरटी लगातार गश्ती करेगी और सभी जुलूसों के साथ संबंधित थाना की एस्कॉर्ट पार्टी चलेगी। भीड़ की गतिविधियों पर सीसीटीवी और जरूरत के अनुसार ड्रोन से निगरानी की जाएगी। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को लगातार सक्रिय रखने और अफवाहों का तत्काल खंडन करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में पूजा समितियों के लिए कई अनिवार्य निर्देश जारी किए गए। पूजा पंडाल और जुलूस के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। पंडालों में सीसीटीवी, अग्निशमन व्यवस्था और नियमों के अनुरूप विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करना होगा। आपत्तिजनक स्लोगन और कार्टून पर रोक रहेगी। डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जबकि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।
प्रशासन ने मूर्ति विसर्जन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नदियों में मूर्ति विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और विसर्जन निर्धारित अस्थायी तालाबों में ही किया जाएगा। विसर्जन जुलूस और विसर्जन स्थल पर आतिशबाजी भी प्रतिबंधित रहेगी। नदी घाटों पर सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
डीएम ने कहा कि महिलाओं और पुरुषों के लिए पूजा स्थलों पर अलग-अलग कतार की व्यवस्था की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और भीड़ नियंत्रण में भी सुविधा मिले। मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रावण वध, जुलूस या विसर्जन जुलूस का आयोजन जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा।
विजयादशमी के अवसर पर होने वाले रावण वध कार्यक्रमों को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। नियंत्रण कक्ष, मेडिकल कैंप, ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटर, एंबुलेंस, डॉक्टर एवं पारा मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। अग्निशमन विभाग को भी पर्याप्त फायर दस्ता तैनात रखने का निर्देश दिया गया।
बैठक में अधिकारियों ने अनुमंडलवार एवं अंचलवार तैयारियों की समीक्षा की। डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकना संबंधित दंडाधिकारी, थानाध्यक्ष, सीओ, एसडीओ और एसडीपीओ की विशेष जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी सजग, सतर्क और सक्रिय रहकर दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराएं।












