-कार्तिक माह में कब है मासिक दुर्गाष्टमी? जानें- शुभ मुहूर्त, पूजा विधि एवं महत्व
नई दिल्ली।सम्वाददाता ।
मासिक दुर्गाष्टमी का पर्व हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस प्रकार कार्तिक महीने में दुर्गाष्टमी 20 नवंबर को है। इस दिन जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है। धार्मिक मत है कि मां दुर्गा की पूजा करने से जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुख, संकट, रोग और भय दूर हो जाते हैं। साथ ही जीवन में सुखों का आगमन होता है। अतः साधक श्रद्धा भाव से दुर्गाष्टमी तिथि पर मां दुर्गा की पूजा करते हैं। इस व्रत के पुण्य प्रताप से सुख और सौभाग्य में निरंतर वृद्धि होती रहती है। आइए, मासिक दुर्गाष्टमी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि जानते हैं-
शुभ मुहूर्त
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 20 नवंबर को प्रातः काल 05 बजकर 21 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन 21 सितंबर को देर रात 03 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। अतः 20 नवंबर को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी।

पूजा विधि:
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन छठ पूजा भी है। इस शुभ अवसर पर साधक ब्रह्म बेला में उठकर उगते सूर्य देव को जल, दूध और फल, फूल, पूरी-पकवान से अर्घ्य देते हैं। साधक ब्रह्म बेला में उठकर घर की साफ-सफाई करें। इसके पश्चात, गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें। इस समय आचमन कर नवीन वस्त्र धारण करें। वस्त्र लाल रंग का पहनें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके पश्चात, पूजा गृह में चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र और कलश स्थापित करें। कलश के नीचे अखंडित चावल अवश्य रखें। पंचोपचार कर विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करें। मनचाही मुराद पाने के लिए मां दुर्गा को लाल रंग का फूल, फल और मिष्ठान अर्पित करें। पूजा के दौरान दुर्गा चालीसा का पाठ और मां दुर्गा के मंत्र का जप अवश्य करें। अंत में आरती कर सुख, समृद्धि और धन वृद्धि की कामना करें। दिन भर उपवास रखें। शाम में आरती कर फलाहार करें। अगले दिन पूजा पाठ कर व्रत खोलें।














