-अग्निशमन विभाग की बड़ी कार्रवाई, कोचिंग-अस्पताल समेत 28 संस्थानों को नोटिस
मुजफ्फरपुर। लखनऊ में हाल ही में हुए कोचिंग संस्थान अग्निकांड के बाद मुजफ्फरपुर जिला अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी आमिर इसरार के निर्देश पर जिले में व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए अधिकारियों की दो अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो विभिन्न संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच कर रही हैं।
पहली टीम का नेतृत्व मुजफ्फरपुर अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी आर.एन. पांडेय कर रहे हैं, जबकि दूसरी टीम सहायक अग्निशमन पदाधिकारी निरंजन कुमार के नेतृत्व में कार्य कर रही है। एक टीम कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर रही है, जबकि दूसरी टीम औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर रही है।
बुधवार को शहर के कई प्रमुख कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई। जांच के दौरान कलमबाग स्थित एलन करियर इंस्टीट्यूट, कच्ची-पक्की स्थित द ईएसयू मित्रा एकेडमी, एक्सीलेंट एजुकेशन, करियर स्टडी प्वाइंट और आरके फिजिक्स कोचिंग सेंटर समेत कई संस्थानों का निरीक्षण किया गया।

इसके अलावा होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, आरपी मेमोरियल हॉस्पिटल, धन्वंतरि शिशु सर्जरी, भारती हेल्थ केयर, माही हॉस्पिटल, बुद्धम इमरजेंसी हॉस्पिटल, अवध हॉस्पिटल, नावेल हॉस्पिटल, अभिराम नर्सिंग होम, ट्राम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल तथा एसकेएमसीएच के मुख्य भवन एवं इमरजेंसी वार्ड सहित कुल 16 अस्पतालों की जांच की गई।
होटलों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान होटल रॉयल स्टार, होटल कौटिल्य, श्री साईं होटल, होटल अतिथि, नेबरहुड रेस्टोरेंट, होटल नारायणी, सवेरा फैमिली रेस्टोरेंट, द रूफ टॉप ए-1 रेस्टोरेंट एंड गेस्ट हाउस, होटल जेडी रेजिडेंशियल और होटल सेंट्रल प्वाइंट समेत 10 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। साथ ही सिकंदरपुर स्थित बिजली विभाग के वेयरहाउस और सिद्धि विनायक कंपनी की भी जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों में कई कमियां पाए जाने पर कुल 28 संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने उन्हें 15 दिनों के भीतर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।
जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियों को दूर नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ बिहार अग्निशमन सेवा नियमावली-2021 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित भवनों को सील भी किया जा सकता है।
अधिकारियों ने संस्थानों के प्रबंधकों को फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म, आपातकालीन निकास द्वार और अन्य सुरक्षा उपकरणों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की गई है।













